बैंगलोर

मोदी की भाषा पीएम पद की गरिमा से मेल नहीं खाती: मनमोहन

किसी भी प्रधानमंत्री ने इससे पहले अपने विरोधियों के बारे में प्रहार करने के लिए प्रधानमंत्री पद का इस्तेमाल नहीं किया
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manmohan

बेंगलूरु. पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री अपने विरोधियों के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं वह उनकी पद की गरिमा के अनुरुप नहीं है। डा. सिंह ने सोमवार को यहां राज्य सभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी हर चीज के बारे में 70 साल के कांग्रेस शासन पर दोष मढऩे की कोशिश करते हैं। किसी भी प्रधानमंत्री ने इससे पहले अपने विरोधियों के बारे में प्रहार करने के लिए प्रधानमंत्री पद का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन मोदी रोज ही ऐसा कर रहे हैं।

उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी को लेकर प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वास्तव में प्रधानमंत्री दावोस स्थित नीरव मोदी की कंपनी में थे और इसके चंद दिनों के बाद ही वह देश छोड़कर भाग गया। यह मोदी सरकार की शासन की खामियों को प्रतिबिंबित करता है।

नोटबंदी और जीएसटी को बताया मोदी की गलती
मोदी सरकार ने नोटबंदी व जल्दबाजी में जीएसटी को लागू करके दो भारी गलतियां की हैं। इन गलतियों देश की अर्थव्यवस्था को भारी क्षति पहुंची और हमारा सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग क्षेत्र बुरी तरह से पीडि़त हुआ और इसकी वजह से हजारों लोगों का रोजगार छिन गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण बैकिंग क्षेत्र पर आम जनता का विश्वास धीरे-धीरे घटता जा रहा है। सही नेतृत्व सुअवसर पैदा करता है, उसे नष्ट नहीं करता है।
संकट के दौर में देश
देश आज कठिन दौैर से गुजर रहा है। कृषि क्षेत्र संकट के दौर में है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहे हैं और अर्थव्यवस्था की बढ़त क्षमता से कम हो रही है। हालांकि, हर बार जब हम मोदी सरकार की गलत नीतियों के बारे में सवाल पूछते हैं तो हमें सुनने को मिलता है कि हमारे इरादे नेक हैं। सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर हद से अधिक उत्पाद शुल्क लगाकर लोगों को दंडित किया है। कम दामों का लोगों तक फायदा पहुंचाने के बजाय मोदी सरकार ने लोगों ही दंडित किया है। जब भी उनसे सवाल पूछे जाते हैं तो प्रधानमंत्री 70 साल तक सत्ता में रही कांग्रेस सरकारों को दोषी ठहराने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हरित क्रांति को भूल जाते हैं और यूपीए-1 तथा यूपीए-2 की उन नीतियों को भी भूल जाते हैं जिनकी वजह से जिनकी बदौलत लाखों लोगों गरीबी के चंगुल से बाहर निकले हैं। मनमोहन ने कहा कि यूपीए सरकार की पहली चार साल की उपलिब्धयों को मोदी सरकार ने चार साल में खो दिया। यह पूछे जाने पर कि राज्य में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने पर क्या पार्टी जनता दल(ध) से समर्थन लेगी? सिंह ने कहा कि वे पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा का सम्मान करते हैं और ऐसी स्थिति में पार्टी नेतृत्व ही निर्णय किया करता है।

Published on:
07 May 2018 09:11 pm
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