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चुनाव परिणाम से पहले ही सिद्धरामय्या ने हार मानी : अनंत कुमार

सुबह राहुल गांधी दोपहर को मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या तथा शाम को रम्या ट्विटर पर ही चुनाव प्रचार की इतिश्री कर रहे हैं
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 7 May 2018, 7:33 PM IST

bjp

नेता केवल अपनी कुर्सी बचाने की कवायद में अपने क्षेत्र को छोडकर कही पर भी प्रचार नहीं कर रहे हैं

बेंगलूरु. विधानसभा चुनाव परिणाम तो 15 मई को घोषित होनेवाले है लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने चुनाव परिणाम से पहले ही हार मान ली है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशाल रैलियों को संबोधित कर रहें है वही मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने अपना चुनाव प्रचार अब केवल ट्विटर तक ही सीमित रखा है। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री अनंतकुमार ने यह बात कही।

बोम्मनहल्ली विधानसभा क्षेत्र में नुक्कड़ सभा में अनंत कुमार ने कहा कि राज्य में मोदी की आंधी के सामने कांग्रेस का प्रचार धीरे-धीरे निस्तेज होते जा रहा है। सुबह राहुल गांधी दोपहर को मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या तथा शाम को रम्या ट्विटर पर ही चुनाव प्रचार की इतिश्री कर रहे हैं। कांग्रेस के कई नेता केवल अपनी कुर्सी बचाने की कवायद में अपने क्षेत्र को छोडकर कही पर भी प्रचार नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्य के 224 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तथा बी.एस.येड्डियूरप्पा के नेतृत्व में अभी तक 500 से अधिक जनसभाओं का आयोजन किया है। इसके अलावा भाजपा के पास मौजूद स्टार चुनाव प्रचारकों का काफिला जगह-जगह पर नुक्कड़ सभा तथा रोड शो का आयोजन कर रहे हैं।

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विकास और अस्थिरता की तुलना होगी
बेंगलूर. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदांबरम ने कहा कि कर्नाटक के मतदाता जब वोट देेंगे तो वे सिद्धरामय्या सरकार के 5 साल में हुए विकास और पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बने 3 मुख्यमंत्री और उस सरकार की अस्थिरता के बीच तुलना करेंगे। उन्होंने ट्वीट की शृंखला में कहा कि मतदाता याद रखेंगे कि भाजपा के प्रचार का नेतृत्व कर रहे तीन नेता बीएस येड्डियूरप्पा, डीवी सदानंद गौड़ा और जगदीश शेट्टर अक्षम मुख्यमंत्री साबित हो चुके हैं। साल २००८ में जनता ने उन्हें ११० सीटों के साथ पूर्ण बहुमत दिया था लेकिन वे स्थिर सरकार नहीं बना सके और राज्य का विकास भी नहीं किया।