
jignesh mewani
हुब्बल्ली. गुजरात के दलित नेता और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुबां पर अम्बेडकर है, लेकिन उनके मन में मनुस्मृति छिपी है। शहर में रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मेवाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक में आते ही दलित प्रेम का दिखावा कर रहे हैं। देश में दलितों पर हो रहे अत्याचार पर खामोश मोदी को कर्नाटक चुनाव में दलित याद आ रहे हैं।
भाजपा नेताओं को दलितों के घर में भोजन करने का नाटक बंद करना चाहिए। अगर इन्हें दलितों की इतनी ही चिंता है तो एट्रोसिटी कानून की रक्षा के लिए स्थगन आदेश लाएं। भ्रष्टाचार के बारे में पूछने पर जवाब नहीं देते। बैंकों को लूटा जा रहा है। इस बारे में कोई चिंता नहीं है। इतनी सारी समस्याएं होने पर भी 56 इंच का सीना कहां गया। उन्होंने सत्ता में आने पर देश में शांति व सौहार्द से रहने का वादा किया था, परन्तु पिछले तीन साल में 2300 से अधिक सांप्रदायिक दंगे हुए और 1500 से अधिक लोग मारे गए। सांप्रदायिक दंगों के दौरान कहां गया था 56इंच का सीना।
मेवाणी का आरोप है कि भाजपा की रग-रग में जातिवाद भरा पड़ा है। एट्रोसिटी कानून को खत्म किया, रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या करवाई, ऊना में दलितों का चमड़ा उधेड़ा, सहारनपुर में घर जलाए, चंद्रशेखर रावण को जेल में डाल रखा है। भाजपा को राशन की पॉलिसी को ऐसे लागू करना चाहिए कि एक भी दलित या किसी भी गरीब के घर खाने की किल्लत न हो।
भाजपा को नहीं हराया तो संविधान नहीं बचेगा। देश में गाय के नाम पर 28बेगुनाहों की हत्या की। भाजपा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येड्डियूरप्पा ने कहा है कि जो मतदान करने नहीं आते हैं उनके हाथ पैर बांध कर लाओ और मतदान कराओ। येड्डियूरप्पा का यह बयान लोकतंत्र के खिलाफ है साथ ही यह जनता का अपमान है। आयकर, प्रवर्तन निदेशालय का कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा लोकतंत्र को चुनौती दे रही है।

Published on:
07 May 2018 06:55 pm
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