भवांत मुनि ने बताया कि आज 300 के करीब तेले हुए जो चातुर्मास की सफलता का द्योतक है
मैसूरु. स्थानकवासी जैन संघ के तत्त्वावधान में सिटी स्थानक में डॉ. समकित मुनि ने कहा कि यह समकित की यात्रा बाहर से भीतर में प्रवेश करने के लिए है और भीतर की यात्रा करते हुए मंजिल तक पहुंचाने की यात्रा है। उन्होंने कहा कि बाहर की यात्रा हमें इधर-उधर भटकाती है, अटकाती है और झगड़ती है तो भीतर की यात्रा हमें समकित को प्राप्त करते हुए मोक्ष तक ले जाती है।
साध्वी राबिया द्वारा संतों को दी गई प्रतिबोधन का उल्लेख करते हुए मुनि ने कहा कि बाहर के उलझनों को भूल जाओ जो अशांति कि जननी है और भीतर की यात्रा प्रारम्भ करो, जो हमें भटकाती या लटकाती या झगड़ती नहीं, वरन हमें मंजिल तक पहुंचाती है। भवांत मुनि ने बताया कि आज 300 के करीब तेले हुए जो चातुर्मास की सफलता का द्योतक है।
जयवंत मुनि ने गुरु गुणगान के साथ गीतिका प्रस्तुत की। पिस्तादेवी कैलाशचंद बोहरा द्वारा तेले तप की अनुमोदना में तप अनुमोदना गीत एवं नमस्कार मंत्र जाप किया गया। रविवार को प्रात: 7 बजे सामूहिक पारणे, 8 से 9 बजे गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूजा एवं दोपहर 2.30 बजे 'काश! मेरी सास भी ऐसी होतीÓ विषय पर विशेष प्रवचन होगा।
प्रतिक्रमण से बढ़ती है साधना शक्ति
मण्ड्या. तेरापंथ महिला मंडल की ओर से तेरापंथ स्थापना दिवस पर साधना का मजबूत चरण सामूहिक प्रतिक्रमण का आयोजन तेरापंथ सभा भवन में किया गया। ललिता भंसाली व नमिता भंसाली ने प्रतिक्रमण साधना कराते हुए कहा कि चातुर्मास में अधिक से अधिक सामूहिक प्रतिक्रमण साधना में करनी चाहिए। ज्ञान शाला बच्चों, अणुव्रत समिति, युवक परिषद, तेरापंथ सभा और कन्या मंडल ने प्रतिक्रमण में भाग लिया।
आचार्य शांति सूरीश्वर का गुणगान किया
मैसूरु. लश्कर मोहल्ला स्थित शांति सूरीश्वर जिनालय में शुक्रवार रात को गुरु पूर्णिमा पर भजन संध्या व रात्रि जागरण में आचार्य शांति सूरीश्वर का गुणगान किया गया। गुरु भक्तों ने आचार्य शांति सूरीश्वर की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर आरती गाकर कार्यक्रम शुरू किया। इसके बाद वासु पूज्य संगीत मंडल ने भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।