
बेंगलूरु. दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से यलहंका में रविवार शाम को भजन व सत्संग कार्यक्रम हुए। साध्वी ऋतु भारती ने कहा कि मन का स्वभाव चंचलता है।
यह क्षण-क्षण बदलता रहता है। मन बदलता है तो बुद्धि भी स्थिर नहीं रहती है। मन के नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण नहीं होने के कारण ही आज समाज में अवसाद की समस्या बढ़ रही है।
इसीलिए शरीर की देखभाल के साथ मन पर नियंत्रण अति आवश्यक है। कहते हैं जिसने मन को जीत लिया उसने जग को जीत लिया।
साध्वी निशंका भारती ने कहा कि ब्रह्मविद्या ही सभी विद्याओं में श्रेष्ठ विद्या है। इसका अभ्यास ही जीवन को सफल बनाता है। सफलता का अर्थ जीवन में भौतिक उपलब्धियों को प्राप्त कर लेना नहीं है।
बल्कि जीवन में श्रेष्ठ कार्य को श्रेष्ठ प्रकार से करना है। साध्वी साक्षी भारती व मंजू भारती के सुमधुर भजनों पर सभी श्रोता भावों से तरंगित हुए।