
राजेंद्र सिंह नरुका
मैसूरु. पिछले चुनाव में मैसूरु जिले की 11 सीटों में कांग्रेस व जद (ध) में 8-3 से बंटवारा हो गया था, लेकिन इस बार भाजपा शहर की कृष्णराजा व चामराजा सीट से खाता खोलने को बेताब हैं। बाकी की 9 सीटों पर कांग्रेस व जनता दल ध में जबरदस्त टक्कर है। मतदान के अंतिम तीन दिनों में तीनों दल मतदाताओं को रिझाने के लिए जान झोंक रहे हैं। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या इसी जिले की चामुंडेश्वरी व उनके पुत्र डॉ यतींद्र पिता की पुरानी सीट वरुणा से भाग्य आजमा रहे हैं। कभी कांग्रेस का गढ़ रहा इस जिले में जद (ध) ने भी अपनी जगह बनाई है।
कई सीटों पर कांटे की टक्कर
कांग्रेस अहिंदा व लोकलुभावन भाग्या योजनाओं के मुद्दे पर मैदान मैं है तो जद (ध) वोक्कालिगा के साथ सिद्धरामय्या के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर कड़ी टक्कर दे रही है। चामराजा क्षेत्र के एम कुमार कहते हंै कि यह इलाका काफी विकसित माना जाता है पर धान की फसल को कावेरी का पानी मिलने में देरी से किसानों मैं आक्रोश है। ग्रामीण इलाके में कांग्रेस को इसीलिए परेशानी हो रही है कि किसानों को समय पर फसल के लिए पानी नहीं मिल पाया। वरुणा क्षेत्र के बसवराज मानते हैं कि सिद्धरामय्या ने कई भाग्य योजनाओं के जरिये गरीबों व मजदूरों को ऊपर उठाने का प्रयास किया है, इसका चुनाव में कांग्रेस को फायदा मिलेगा।
शहर की नरसिम्हराजा सीट पर तीनों दल मशक्कत कर रहे हैं। चामुंडेश्वरी में मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर है तो वरुणा सीट पर उनके पुत्र के मैदान में उतरने से यह सीट भी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है। हुणसूर, के.आर. नगर, पिरियापट्टण, एचडीकोटे, नंजनगुड़ और टी. नरसीपुर में कांग्रेस व जद (ध) में इस बात की टक्कर चल रही है कि कौन ज्यादा सीट ले जाए। हालांकि, भाजपा के वोट दोनों दलों के गणित को बिगाड़ सकते हैं।