
मैसूरु. दक्षिण काशी के नाम से प्रसिद्ध मंदिरों का शहर नंजनगुड लगातार दूसरे दिन बाढ से जूझता रहा। मशहूर श्रीकंठेश्वर मंदिर बाढ के पानी में घिरकर टापूनुमा प्रतीत हो रहा है और मंदिर के चारों ओर 3 फीट से ज्यादा पानी है। इस बीच नंजनगुड-हेज्जिगे पुल के पानी में जलमग्र होने और पुल में दरार देेखे जाने के बाद इस पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गईहै और सिर्फ हल्के वाहनों का आवागमन हो रहा है।
संयोग से इस पुल का उद्घाटन मात्र 5 महीने पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने किया था। ऐसे में स्थानीय लोग पुल की गुणवत्ता पर सवाल कर रहे हैं। मैसूरु-नंजनगुड के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 766 पर मल्लनमोले मठ के पास करीब 3 फीट पानी बहने से प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन इस पर वाहनों की आवाजाही बंद रखी। इससे दोनों शहरों के बीच आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
वहीं सूत्रों का कहना है कि सड़क पर पानी के तीन फीट तक बहने और तेज बहाब को देखते हुए इसे रविवार को भी बंद रखा जा सकता है। वहीं पानी की लगातार बढती मात्रा को देखते हुए पुलिस ने आम लोगों और श्रद्धालुओं को कपिला तथा कबिनी नदियों के किनारों से दूर रहने की चेतावनी जारी की है। कृष्णा भाग्य जल निगम के सूत्रों के मुताबिक बांध में अब 30.900 क्यूसेक पानी का अंतर्वाह होने से बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं और इतनी ही मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर 519.6 0 मीटर तक पहुंच गया है।
यह बांध भरने के पश्चात नारायणपुरा बांध भी लबालब हो गया है। उत्तर कर्नाटक संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी स्वामी पर केवल कावेरी जलबहाव क्षेत्र के बांधों की पूजा करने और उत्तर कर्नाटक के बांध भरने के बावजूद पूजा नहीं करने का आरोप लगाया था। इसके बाद अब मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
बेंगलूरु में रिमझिम बारिश
बेंगलूरु के आसमान पर बादलों का बसेरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों तक इसी प्रकार बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होगी। इस बीच शनिवार को शहर के कई इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। हालांकि पिछले चौबीस घंटों के दौरान औसत 4.6 मिमी की तुलना में मात्र 0.6 मिमी बारिश हुई जो सामान्य से 87 फीसदी कम है।