मानव संसाधन नीति की समीक्षा जल्द : स्वास्थ्य आयुक्त
बेंगलूरु. स्थाई सेवा सुरक्षा का लाभ देने, सेवा नियम में वेतन संबंधित विसंगतियों को दूर करने व कर्मियों को मिल रहे भत्ते पुन: शुरू करने सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन कार्यरत करीब 30 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कम पर लौट आए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के संबंध में अन्य राज्यों के आदेशों का अध्ययन करने के साथ केंद्र सरकार से भी वार्ता करेंगे।
संविदा कर्मियों की वेतन विसंगति और मानव संसाधन नीतियों की समीक्षा होगी। विभाग के निदेशक डॉ. एस.पुष्पराज ने बताया कि एनएचएम के अधीन प्रदेश में कार्यरत कर्मचारियों में करीब 22 हजार अनुबंध पर हैं।
केंद्र सरकार को कई बार इनकी मांगों व समस्याओं से अवगत कराया गया है। हालांकि कर्नाटक प्रदेश स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विश्वराध्य एच. यमोजी के अनुसार गत वर्ष जनवरी में ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सभी प्रदेशों को पत्र लिख व्यापक मानव संसाधन नीति लागू करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया था। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलावा कर्नाटक सहित अन्य राज्यों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। प्रदेश सरकार चाहे तो काफी कुछ हो सकता है।
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सूचना विभाग की तरह बनेगा बीबीएमपी का जनसंपर्क विभाग
बेंगलूरु. दस हजार करोड़ के वार्षिक बजट वाली 840 वर्गमीटर क्षेत्र में फैली बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने आने वाले दिनों में सूचना विभाग की तर्ज पर जनसंपर्क विभाग विकसित करने का फैसला किया है।
बीबीएमपी में सत्तारूढ़ दल के नेता एम.शिवराजू के अनुसार उन्होंने इस मामले को लेकर हाल में पालिका के आयुक्त मंजुनाथ प्रसाद को खत लिखा है। बीबीएमपी की अगली मासिक बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी। जनसंपर्क विभाग में बीबीएमपी की विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होगी। इस विभाग में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाएगा।