कनेक्शन लेने का शुल्क ज्यादा होने का दिया हवाला
बीबीएमपी क्षेत्र में शामिल हुए हैं ये गांव
बेंगलूरु. बृहद बेंंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अंतर्गत शामिल हुए 110 गांवों में से बेंगलूरु जल आपूर्ति बोर्ड 17 गांवों को कावेरी नदी से पानी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है, लेकिन अधिक शुल्क होने के कारण नागरिकों ने वाटर कनेक्शन लेने से स्पष्ट इंकार किया है। बोर्ड ने 20 गुणा 30 भूखंड में निर्मित मकान को वाटर कनेक्शन के लिए 12,000 रुपए शुल्क निर्धारित किया है।
अगर इससे बड़े भूखंड में निर्मित मकानों के लिए भी अधिक शुल्क होगा। इसलिए गत 2007 से पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे नागरिक अब पानी का संपर्क लेने से स्पष्ट इंकार कर रहे हैं। सरकार ने 2007 में 110 गांवों को बीबीएमपी में शामिल कर जल आपूर्ति और मल जल निकासी की सुविधा के लिए 2016 में 1,886 करोड़ रुपए अनुदान राशि जारी की थी।
बोर्ड ने इस अनुदान से 110 गांवों को सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य आरंभ किया। पहले चरण मेें 17 गांवों को पानी उपलब्ध कराने की तैयारी हो चुकी है। महादेवपुर, आर.आर.नगर, बैटरायनपुर, बोम्मनहल्ली, पट्टणगेरे और दासरहल्ली क्षेत्र के अंतर्गत 110 गांवों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जानी है।
आए सिर्फ दस आवेदन, वो भी वापस
जल बोर्ड ने इन गांवों के लिए जलापूर्ति लाइन बिछाई है। इसके बाद बोर्ड ने पानी के कनेक्शन के लिए आवेेदन मांगे। पांच सौ से अधिक मकानों को पानी उपलब्ध कराने के का लक्ष्य है, इनमें से केवल 10 लोगोंं ने ही आवेदन दाखिल किए थे, लेकिन दूसरे लोगों की देखादेखी में आवेदन वापस ले लिए हैं। यहां के लोगों का कहना है कि नागरिकों का मानना है कि मात्र कनेक्शन के लिए ली जााने वाली शुल्क अधिक है। हर माह उन्हें पानी के खर्च के आधार पर बिल भुगतान करना है। पहले से ही ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकाय से ही पानी की आपूर्ति हो रही है। उन्हें अब कावेरी पानी की जरूरत नहीं है।
अभियंताओं को सौंपी जिम्मेदारी
बोर्ड के मुख्य अभियंता (योजना ) शिवप्रसाद ने बताया कि कनेक्शन लेने के लिए पार्षदों और अन्य जनप्रधिनिधियों की ओर से जन जागृति अभियान चलाने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा सभी अभियंताओं को हर माह कम से कम 50 मकानों को कनेक्शन देने के निर्देश दिए हैं।