अन्य नेता भी धर्मनिरपेक्ष दलों को एकजुट करने के लिए रैली का आयोजन कर रही हैं।
बेंगलुरु. पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि आज की बैठक देश में धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा थी। देवेगौड़ा व चंद्रबाबू का राजनीतिक गणित काफी बेहतर है।
मुझे उम्मीद है कि 2019 में फिर 1996 दुहराएगा। संयोगवश 1996 में संयुक्त मोर्चा के संयोजक चंद्रबाबू ही थे जब देवेगौड़ा प्रधानमंत्री बने थे।
नायडू ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममत बनर्जी सहित अन्य नेता भी धर्मनिरपेक्ष दलों को एकजुट करने के लिए रैली का आयोजन कर रही हैं। ममता और कुमारस्वामी जनवरी में संयुक्त रैली करेंगे।
अब किसान रैली करेगा जद-एस
कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी दिसम्बर के अंत अथवा जनवरी की शुरूआत में किसान रैली का आयोजन करेगी। इस रैली में भाजपा को छोड़कर बाकी सभी विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।
गौरतलब है कि कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में भी क्षेत्रीय दलों के करीब डेढ़ दर्जन नेता जुटे थे और इसके बाद से ही राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने की कोशिशें तेज हुई।
हाल के उपचुनावों में गठबंधन को मिली सफलता से इसे नई ताकत मिली है।