तृतीय अतिरिक्त महानगरीय न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने आरोपी को छह दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया
उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गौरी हत्याकांड में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी से मामले का सुलझाने में मदद मिलेगी
बेंगलूरु. पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआइटी) ने एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियोंं की संख्या सात हो गई है।
एसआइटी ने 18 जुलाई को दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्या से मोहन नायक (50) को गिरफ्तार किया। तृतीय अतिरिक्त महानगरीय न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने आरोपी को छह दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। एसआइटी के अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि नायक ने कथित तौर पर गौरी के हत्यारों को हथियार मुहैया कराई थी। हालांकि, एसआइटी के अधिकारी अभी इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
एसआइटी ने इससे पहले जून में विजयपुर जिले के सिंदगी तालुक से परशुराम वाघमारे (26) को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसआइटी ने सबसे पहले फरवरी में के. टी.नवीन कुमार उर्फ होट्टे मंजा को गिरफ्तार किया था। उसके बाद अमोल काले, मनोहर एडवे, सुजीत कुमार उर्फ प्रवीण और अमित देगवेकर को गिरफ्तार किया गया था।
काले और देगवेकर पड़ोसी महाराष्ट्र के हैं जबकि बाकी सभी आरोपी राज्य के ही हैं। गृह विभाग का दायित्व संभाल रहे उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गौरी हत्याकांड में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी से मामले का सुलझाने में मदद मिलेगी। परमेश्वर ने दावा किया गौरी हत्याकांड का मामला जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
परमेश्वर ने कहा कि अगर इस मामले का संबंध अन्य तर्कवादियों की हत्या से भी जुड़ा हुआ तो प्रो. एम.एम. कलबुर्गी, नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पंसारे की हत्या का मामला भी सुलझ सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल 5 सितम्बर को अज्ञात अपराधियों ने घर के बाहर ही गोली मारकर गौरी की हत्या कर दी थी।