बैंगलोर

जाली नोटों के साथ तीन गिरफ्तार

गंगाधर कोल्कर, एमजी राजू और पश्चिम बंगाल के साजिद अली को गिरफ्तार किया गया
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Updated: 9 Aug 2018, 8:01 PM IST
NIA
जाली नोटों के साथ तीन गिरफ्तार

बेंगलूरु. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की मुंबई शाखा के अधिकारियों ने स्थनीय पुलिस के सहयोग से तीन आरोपियों को गिरफ्तार 4.34 लाख रुपए की दो हजार रुपए के कुल 217 जाली नोट जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार दोड्डबल्लापुर रोड के आलूर के बीडीए लेआउट के पास कार्रवाई कर गंगाधर कोल्कर, एमजी राजू और पश्चिम बंगाल के साजिद अली को गिरफ्तार किया गया।

यह जाली नोट होने के बावजूद असली नोट की तरह दिखाई देरहे थे। इन जाली नोटों से आम नागरिकों को आसानी से धोखा दिया जा सकता है। जांंच से पता चला है कि इन जाली नोटों की प्रिंटिंग देश की सीमा के पार हुई है। तीनों आरोपियों के खिलाफ मादानाकनाहल्ली पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है। इसी बीच एनआइए अधिकारियों ने बेंगलूरु के श्रीरामपुरम स्थित एक निवास पर छापा मार कर एक महिला के कब्जे से दो हजार रुपए के 125 जाली नोट जब्त किए हैं। इस सिलसिले में जांच जारी है।


एसीबी छापे में अघोषित संपत्ति उजागर
बेंगलूरु. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अधिकारियों ने हेमावती वाला क्षेत्र तुरुवेकेरे के अधीक्षक अभियंता और हेमावती नहर क्षेत्र तुमकूरु के प्रभारी मुख्य अभियंता एच. शिवकुमार के बड़ी मात्रा में संपत्ति का पता लगाया है। शिवकुमार के पास तुमकूरु में दो मकान, दोभूखंड, कौतामारानहल्ली गांव में 3.2 एकड़ कृषि भूमि, दो किलो 413 ग्राम सोने के आभूषण, 15 किलो चांदी के आभूषण, एक ट्रैक्टर, दो कार, तीन बाइक, 1.74 लाख रुपए नकद, बैंक में 11.72 लाख रुपए और 15.31 लाख रुपए कीमत का फर्नीचर है। शिवकुमार के पास अन्य संपत्ति है और इसकी जांच जारी है।

संविदा कर्मचारियों ने दिया धरना
वेतन भुगतान व अन्य सुविधाएं देने की मांग
कलबुर्गी. संविदा कर्मचारियोंं ने इएसआइसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सामने वेतन भुगतान की मांग और प्रबंधन द्वारा अपनाई गई श्रम नीति के विरोध में बुधवार को धरना दिया। अनुबंधित कर्मचारियों में नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, लिपिक, नर्सिंग कर्मियों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उद्योग प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए।

इसके अलावा कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली जनशक्ति एजेंसी को भी जमकर कोसा। संस्थान के डीन प्रशांत पौनीपागर ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन देते हुए हड़ताल खत्म कर काम पर वापस लौटने को कहा। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि छुट्टी, वेतन वृद्धि और अन्य वैधानिक लाभों से उन्हें वंचित कर रखा है। हाल ये है कि दो माह से वेतन नहीं मिला है। मजदूरी के बिना परिवारों का भरण पोषण बहुत मुश्किल हो गया है। संस्थान में डीन और अन्य उच्च अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। संस्थान में अनुबंधित कर्मचारियों से दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है।

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