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गोवा के अधिकारी कर्नाटक में गुपचुप परियोजनाएं देख रहे थे, फिर…

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जीप व कार में सवार होकर पहुंचे ये लोग सबसे बहले कलसा नगर के पास बनी दीवार के पास पहुंचे
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 9 Aug 2018, 7:52 PM IST

mahadayi

गोवा के अधिकारी कर्नाटक में गुपचुप परियोजनाएं देख रहे थे, फिर...

बेंगलूरु. राज्य सरकार से पूर्व अनुमति लिए बगैर बेलगावी जिले के खानापुर तालुक के कणकुंबी स्थित कलसा-बंडूरी परियोजना स्थल पर गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाने के लिए पहुंचे गोवा के अधिशासी अभियंता अनिल महाले सहित 8 अधिकारियों ने सूचनाएं एकत्रित कीं। इस बारे में जब खानापुर पुलिस को भनक लगी तो पुलिस ने इन अधिकारियों व दो वाहन चालकों को प्रवासी मंदिर में ले जाकर पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जीप व कार में सवार होकर पहुंचे ये लोग सबसे बहले कलसा नगर के पास बनी दीवार के पास पहुंचे तो वहां पर तैनात जल संसाधन विभाग के स्टाफ ने इस पर आपत्ति की। इसके बाद वे लोग वहां से माऊली देवस्थान चले गए। इसी दौरान जल संसाधन विभाग के एक कर्मचारी ने इस बारे में खानापुर पुलिस थाने को खबर कर दी। इसके बाद माऊली देवस्थान पर पहुंची पुलिस ने उनके वाहनों को रोक लिया और सभी को प्रवासी मंदिर ले गई और इस तरह गुपचुप तरीके से घुुस आने के लिए उनको आड़े हाथों लिया।

बताया जाता है कि पुलिस ने बिना अनुमति लिए परियोजना स्थल पर दुबारा नहीं आने का पत्र लिखवाकर लेने के बाद उन्हें जाने दिया।
इस बीच, बेलगावी के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार रेड्डी ने स्पष्ट किया कि गोवा के जल संसाधन विभाग के एक अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता, कनिष्ठ अभियंता सहित कुल 8 अधिकारियों का दल कणकुंबी में पहुंचा। ये लोग यहां पर किस लिए आए इसका पता नहीं चल पाया है। उनसे गलती स्वीकार करने का पत्र नहीं लिखवाया गया है। उनको बता दिया गया कि इस तरह बिना अनुमति लिए अचानक आना अनुचित है। वे लोग यह कहकर गए हैं कि अगली बार आने पर वे पूर्व सूचना देकर ही आएंगे। हमारी पुलिस ने उनके नाम पते व अन्य सूचनाएं एकत्रित की हैं।
गोवा के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के बार-बार कणकुंबी का दौरा करने से संदेह पैदा हो रहे हैं।

बताया जाता है कि कुछ दिन पहले अधिकारियों का एक और दल बगैर सूचित किए ही कणकुंबी का दौरा करके गया था। महादयी नदी जल बंटवारा विवाद पंचाट का फैसला कुछ दिनों में ही आने की संभावना है। ऐसे में कयास लगाए जा रहै हैं कि गोवा सरकार कर्नाटक के खिलाफ सबूत जुटाने में लगी है ताकि फैसला आने के बाद उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सके। इस बीच, गोवा के जल संसाधन मंत्री विनोद पाल्येकर ने ट्वीट करके कहा कि कणकुंबी के दौर पर गए हमारे जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कर्नाटक पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद रिहा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक महादयी नदी के पानी को अपनी तरफ मोड़ रहा है जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।