उन्होंने कहा कि युवाओं को इस बात को याद रखना होगा की आज वे जिस मुकाम पर पर हैैं यह सफर उनके दादा-परदादाओं की मेहनत का प्रतिफल है
बेंगलूरु. जीवन के सफर में किसी के और के पदचिन्हों पर चलना आसान है। लेकिन युवाओं को घिसे-पिटे मार्ग पर चलने के बदले जीवन की राह पर अपने पदचिन्ह बनाने चाहिए। सकारात्मक विचारधारा तथा आत्मविश्वास से ओतप्रोत देश की मौजूदा कुशल युवाशक्ति देश की दिशा और दशा बदलने में सक्षम है। कवि कुमार विश्वास ने यह विचार रखें।
शहर के पैलेस मैदान में जैन इंटरनैशनल ट्रेड आर्गनाइजेशन (जीतो) की ओर से आयोजित ग्रोथ समिट में युवा प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित युवा सम्मेलन में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को इस बात को याद रखना होगा की आज वे जिस मुकाम पर पर हैैं यह सफर उनके दादा-परदादाओं की मेहनत का प्रतिफल है। हमारे पूर्वजों की उम्मीद तथा इमानदारी के कारण ही हम आज कई अद्यतन सुविधाओं का लुफ्त उठा रहें है।
हमारे पूर्वजों ने हमारे उज्वल भविष्य का सपना देखते हुए जो संस्कारों की मजबूत नींव डाली है। इसी नींव पर हमारा 'आजÓ
खड़ा है।
समय कभी एक जैसा नहीं होता
उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में लोग विषम स्थितियों के बावजूद कड़ी मेहनत करने से नहीं कतराते थे। इसके विपरीत आज का कई अद्यतन संसाधनों से संपन्न युवा थोड़े से परिश्रम पर आक्रोशित हो जाता है। इस मानसिकता को हमें त्यागना होगा।
हमारे हाथ में हमारी ताकत छिपी हुई है। भले हम चाहे जितने संपन्न क्यों न हो हमें इस बात को सदैव याद रखना होगा की समय एक जैसा नहीं होता है। जीवन के सफर में अचानक हमें विषम स्थितियों के साथ झुझना भी पड़ सकता है ऐसी स्थिति में हमें धैर्य और साहस का परिचय देते हुए ऐसी विषम स्थिति का सामना करने के लिए मानसिक रूप से स्वयं को ढालना होगा। समाज में हमारी एक अलग पहचान बनाने के लिए हमें सकारात्मक चिंतन करना होगा।
स्वयं पर भरोसा रखें
विश्वास ने कहा कि युवाओं को सबसे पहले अपनी कुशलता के बारे में गर्व करना चाहिए गर्व का मतलब अहंकार नहीं है। पहले हमें खुद पर भरोसा करना होगा कि हम किसी भी स्थिति में अटल और अडिग रहकर किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। यह सकारात्मक मानसिकता ही हमें विषम स्थिति का संघर्ष करने के लिए संबल प्रदान करेगी। उन्होंने कहा जो युवा जीवन में कुछ हासिल करना चाहता है उसके लिए कोई सीमा नहीं है। जिनका स्वयं पर भरोसा है वे ही सपने साकार करते हैं।
आम राह से हटकर जिएं
ऐसे लोगों को अपने सपने पूरे होने तक नींद तक नहीं आती है। देश में एपीजे अब्दुल कलाम तथा धीरुभाई अंबानी समेत कई लोगों ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर हमारे हौसले बुलंद हो तो हमें हमारा लक्ष हासिल करने से से कोई रोक नहीं सकता है। युवाओं को आरामदायी जिंदगी में अपना अस्तित्व नहीं खोते हुए जीवन का कोई नया लक्ष्य तय करना होगा। आम राह से हटकर किया गया प्रयास ही लोगों को प्रेरणादायक होता है।
आम राह से हटकर जिएं
ऐसे लोगों को अपने सपने पूरे होने तक नींद तक नहीं आती है। देश में एपीजे अब्दुल कलाम तथा धीरुभाई अंबानी समेत कई लोगों ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर हमारे हौसले बुलंद हो तो हमें हमारा लक्ष हासिल करने से से कोई रोक नहीं सकता है। युवाओं को आरामदायी जिंदगी में अपना अस्तित्व नहीं खोते हुए जीवन का कोई नया लक्ष्य तय करना होगा। आम राह से हटकर किया गया प्रयास ही लोगों को प्रेरणादायक होता है।
मिसाल बना जीतो बेंगलूरु चैप्टर
इससे पहले बेंगलूरु जीतो चैप्टर के अध्यक्ष पारस भंडारी ने कहा कि जीतो ने गत दस वर्षों के दौरान पंथवाद की दीवारों को लांघते हुए समस्त जैन युवाओं के लिए आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था की है। जीतो ने लर्न अर्न और रिटर्न की संकल्पना के आधार पर युवाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण, कौशल विकास को लेकर देश के विभिन्न शहरों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान की है। जीतो का बेंगलूरु चैप्टर आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बना हुआ है।
इससे पहले बेंगलूरु जीतो चैप्टर के अध्यक्ष पारस भंडारी ने कहा कि जीतो ने गत दस वर्षों के दौरान पंथवाद की दीवारों को लांघते हुए समस्त जैन युवाओं के लिए आवश्यक मार्गदर्शन की व्यवस्था की है। जीतो ने लर्न अर्न और रिटर्न की संकल्पना के आधार पर युवाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण, कौशल विकास को लेकर देश के विभिन्न शहरों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान की है। जीतो का बेंगलूरु चैप्टर आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बना हुआ है।