राजस्थान में एक किशोरी का अपहरण कर यौन शोषण करने के मामले में अदालत ने MP के युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जानें मामला-
बांसवाड़ा। बांसवाड़ा शहर से चार वर्ष पूर्व 16 साल से भी कम उम्र की एक किशोरी का अपहरण कर यौन शोषण करने के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, बांसवाड़ा ने मध्यप्रदेश के एक युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामले में रतलाम जिले के बाजना थानांतर्गत कुंदनपुर निवासी भरतकुमार पुत्र पूनमचंद उर्फ पूंजिया यादव पर आरोप था कि उसने शहर की एक कॉलोनी से फरवरी, 2022 में नाबालिग का अपहरण किया और उसे कुंदनपुर अपने घर ले जाकर बंधक बनाकर रखते हुए यौन शोषण किया।
8 फरवरी,2022 को किशोरी के पिता की रिपोर्ट पर पहले अपहरण का केस दर्ज करने के बाद कोतवाली पुलिस ने जांच कर किशोरी को दस्तयाब किया। उसके बाद उसके बयानों के आधार पर पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ते हुए आरोपी भरत को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई की।
मामले में अभियोजन की ओर से कोर्ट में 14 गवाह पेश किए गए। 38 पृष्ठीय फैसले में मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोप साबित पाए और अभियुक्त भरत को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने भादसं की धारा 363 के तहत उसे 3 वर्ष कैद और 3 हजार रुपए जुर्माना, 366 के तहत 4 वर्ष कैद और 5 हजार रुपए जुर्माना, धारा 344 के तहत 2 वर्ष कैद और 5 हजार रुपए जुर्माना और पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष कैद और 20 हजार रुपए जुर्माना किया।
प्रकरण का आरोपी बाजना क्षेत्र से बांसवाड़ा आकर यहां पीड़िता की बुआ के घर बतौर किराएदार रह रहा था। वहीं से संपर्क पर वह रात के समय किशोरी को ले गया, जिसकी भनक दूसरे दिन परिजनों को लगी। यौन शोषण से किशोरी गर्भवती हो गई थी। मेडिकल बोर्ड की जांच से प्रमाणित हुआ कि उसके गर्भपात पर दस हफ्ते का भ्रूण निकला था।