
राजस्थान के बांसवाड़ा नगर परिषद में नवनिर्वाचित उपसभापति और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता चंकी शाह का एक 15 सेकंड का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 22 सितंबर को उपसभापति पद का चुनाव जीतने के ठीक बाद एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान चंकी शाह बहुत ही खुशमिजाज और बेफिक्र अंदाज में यह टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। इस इंटरव्यू में वो कहते दिख रहे हैं- कि "केंद्र में बीजेपी, राज्य में भजनलाल जी और बांसवाड़ा में भी अब बीजेपी की सरकार है… जितना लूट सको लूटो।"
इस 15 सेकंड की वीडियो क्लिप के सामने आते ही राजस्थान कांग्रेस ने इसे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर किया और राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखे हमले बोलने शुरू कर दिए हैं, हालांकि वायरल वीडियो के पीछे चंकी शाह की असली मंशा क्या थी, इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
गौरतलब है कि राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव 2026 के अंतिम नतीजे आने के तुरंत बाद सामने आई इस घटना ने स्थानीय निकाय स्तर पर भाजपा की जीत के जश्न के बीच विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सत्ता के नशे में चूर होकर भाजपा के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि खुलेआम ऐसी बातें कर रहे हैं, जबकि बीजेपी समर्थकों का तर्क है कि यह बयान मजाकिया अंदाज में दिया गया था और इसे संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है।
विवाद के केंद्र में आए चंकी शाह बांसवाड़ा शहर के एक जाने-माने व्यापारी और जमीनी नेता हैं, जिन्होंने इस बार के चुनाव में रिकॉर्ड मार्जिन से जीत दर्ज की है। 39 वर्षीय चंकी शाह बांसवाड़ा शहर की श्री राम कॉलोनी के मूल निवासी हैं और दिवंगत नितिन शाह के पुत्र हैं।
राजनीति के साथ-साथ चंकी शाह व्यावसायिक क्षेत्र में भी काफी स्थापित हैं। बांसवाड़ा शहर के मुख्य बाजार में उनका कॉस्मेटिक्स और जनरल स्टोर्स (श्रृंगार) का कारोबार है।
वे स्थानीय स्तर पर कई सामाजिक संगठनों में जिम्मेदार पदों पर हैं। वर्तमान में वे नेमा समाज के जिला उपाध्यक्ष हैं और शहर के ऐतिहासिक 'पंच पीपली चौक' संगठन के अध्यक्ष पद का दायित्व भी संभाल रहे हैं।
चंकी शाह का भारतीय जनता पार्टी में एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर नगर परिषद के उपसभापति पद तक का सफर लगभग 13 सालों के निरंतर सांगठनिक काम पर आधारित रहा है। उन्होंने वर्ष 2013 में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी।
वर्ष 2014 में हुए निकाय चुनावों में वे पहली बार वार्ड पार्षद चुने गए । उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2015 में 'युवा मोर्चा नगर मंडल' का अध्यक्ष बनाया। इसके बाद 2017 में उन्हें पदोन्नत कर युवा मोर्चा का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
वर्ष 2019 के निकाय चुनावों में उन्होंने वार्ड नंबर 29 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और 523 वोट हासिल करके दूसरी बार पार्षद चुने गए। वर्ष 2021 में पार्टी ने उन्हें सांगठनिक विस्तार के तहत नगर निकाय प्रकोष्ठ का जिला संयोजक बनाया।
सितंबर 2026 में संपन्न हुए राजस्थान नगरीय निकाय चुनावों में चंकी शाह ने पार्षद चुनाव के दौरान पूरे जिले में सबसे बड़ी जीत दर्ज करके नया रिकॉर्ड बनाया था। चंकी शाह ने बांसवाड़ा नगर परिषद के वार्ड नंबर 37 से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी को 756 वोटों के विशाल अंतर से हराया, जो 2026 के निकाय चुनावों की सबसे एकतरफा जीतों में से एक मानी गई।
उपसभापति चुनाव में 14 वोटों से जीत: 22 सितंबर 2026 को बांसवाड़ा नगर परिषद के उपसभापति पद के लिए मतदान हुआ। 60 वार्डों वाले बोर्ड में भाजपा ने चंकी शाह को अपना प्रत्याशी बनाया, जबकि कांग्रेस की तरफ से वार्ड नंबर 57 के पार्षद फखरुद्दीन रतलामवाला मैदान में उतरे। वोटिंग के बाद आए नतीजों में चंकी शाह को 37 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी फखरुद्दीन को केवल 23 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। चंकी शाह ने 14 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
22 सितंबर को उपसभापति पद पर निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा के बाद जब चंकी शाह अपने समर्थकों के साथ जश्न मना रहे थे, तब एक स्थानीय पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया पर 15 सेकंड का वीडियो क्लिप वायरल होते ही राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार को निशाने पर ले लिया। कांग्रेस का कहना है कि यह बयान भाजपा की असल मानसिकता और स्थानीय निकायों को लेकर उनकी मंशा को उजागर करता है।
दूसरी ओर, बांसवाड़ा के स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि जीत के उत्साह में अनौपचारिक बातचीत के दौरान हंसी-मजाक में कहे गए शब्दों को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। फिलहाल इस मामले को लेकर बांसवाड़ा से लेकर जयपुर तक सियासी बयानबाजी का दौर जारी है।