
Banswara Hospital News: बांसवाड़ा जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद वार्ड में शिफ्टिंग की आड़ में परिजनों से अवैध वसूली की जा रही है। कुछ कार्मिक इतने बेरहम हो गए हैं कि जब तक परिजन राशि देने की हामी नहीं भरते, नवजात शिशु को मां तक को नहीं दिखाया जा रहा। परिजन रोते-बिलखते नवजात को लेकर लेबर रूम में कार्मिकों से मिन्नतें करते रहते हैं कि मां को वार्ड में शिफ्ट कर दो, मगर कार्मिक अनदेखा करते हैं।
राजस्थान पत्रिका ने गुरुवार को पड़ताल की तो लेबर रूम में कार्मिक परिजनों से रुपए की डिमांड करती पकड़ी गई। खुलासा होने पर पीएमओ ने कार्मिक को तत्काल वार्ड से हटाकर दूसरी कार्मिक की ड्यूटी लगा दी। पर, जिला मुख्यालय पर स्थिति सबसे बड़े अस्पताल में ऐसी हिमाकत से यहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
पीएमओ डॉ. राजीव गौतम, डिप्टी पीएमओ डॉ. दामोदर गोयल एवं नर्सिंग अधीक्षक आशीष अधिकारी तक मामला पहुंचने पर उन्होंने त्वरित एक्शन लेकर कार्मिक को तलब किया। पहले वह इनकार करती रही। बाद में उसने स्वीकारा कि केवल डिमांड की थी, पैसा लिया नहीं। वह यह भी बोली- 'मैं अकेली थोड़ी लेती हूं और पूरी राशि मेरी नहीं है।' जब उससे अधिकारियों ने पूछा कि किस-किस को पैसा देती हो, तो उसने नाम नहीं बताया।
नयागांव की दिव्या पत्नी लोकेश कटारा ने बच्ची को जन्म दिया। परिजन बच्ची और मां को वार्ड में शिफ्ट करने की बात कहते रहे, मगर कार्मिकों ने अनसुना कर दिया। उनसे राशि मांगते रहे। इस बीच सूचना पर पत्रिका टीम पहुंची। टीम को जनाना वार्ड में वसूली का वीडियो मिला, जिसमें बच्ची की दादी सीता लेबर रूम में ही 2 घंटे से बहू को वार्ड में शिफ्ट करवाने की गुहार लगा रही थी।
वीडियो में एक कार्मिक ने 1500, बाद में 1300 रुपए देने पर ही महिला को वार्ड में शिफ्ट करने की बात कहती नजर आई। परिजन गरीबी का हवाला दे केवल 200 रुपए ही दे पाने देने की बात कहते रहे। है। शाम 4 बजे दिव्या की रिश्तेदार महिला ने बख्शीश देने की हामी भरी, तब महिला को वार्ड में शिफ्ट किया।
जनाना वार्ड में वसूली के खेल की पड़ताल पर सामने आया कि हर काम के लिए अलग-अलग राशि तय है। परिजनों ने बताया कि प्रसव के अलावा सफाई के नाम पर 200 रुपए लिए जाते हैं। गर्भवती महिला को कपड़े पहनाने और वार्ड शिफ्टिंग के लिए भी 1500 से 2000 हजार रुपए की बख्शीश ली जाती है। वार्ड में भर्ती कुछ महिलाओं ने बताया कि ऐसा कुछ ही कार्मिक कर रहे हैं। कई कार्मिक सेवा-भाव से जच्चा-बच्चा की अच्छी देखभाल करते हैं।
हमने त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर लिए। राशि वसूलने की आरोपी सफाई कार्मिक लक्ष्मी को फिलहाल वार्ड से हटा दिया है। अन्य कार्मिकों को भी पाबंद किया है कि किसी से भी कोई राशि नहीं लें।
-डॉ. राजीव गौतम, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल, बांसवाड़ा