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फीस से ज्यादा पेट्रोल का खर्च! राजस्थान के इस नियम से परेशान वाहन मालिक, बिना फिटनेस दौड़ रहीं हजारों गाड़ियां

Rajasthan Vehicle Fitness Rules: राजस्थान में ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्टिंग स्टेशन की कमी से वाहन मालिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर संभाग के वाहन चालकों को फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए अजमेर आरटीओ जाना पड़ता है। इससे फिटनेस फीस से अधिक पेट्रोल पर खर्च हो रहा है।
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बांसवाड़ा

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Arvind Rao

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दीनबंधु वशिष्ठ

Jul 08, 2026

Rajasthan Vehicle Fitness Rules

बांसवाड़ा जिले में बंद पड़ा पुराना फिटनेस सेंटर (पत्रिका फोटो)

Banswara RTO News: बांसवाड़ा: वाहनों में फिटनेस के नाम पर होने वाली गड़बड़ी और सड़कों पर चलने वाले वाहनों को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए सरकार ने पुराने फिटनेस सेंटरों को बंद कर दिया है। सिर्फ नए एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) को ही वाहनों के फिटनेस करने की अनुमति दी जा रही है। इधर, बांसवाड़ा जिले में फिटनेस जांच के नए सिस्टम यानी एटीएस के नहीं होने के चलते वाहन चालकों को अजमेर तक दौड़ लगानी पड़ रही है और फिटनेस की फीस से ज्यादा पेट्रोल-डीजल पर चुकाने पड़ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद जिले में 15 जून से फिटनेस सेंटर बंद होने के कारण जिले में वाहनों का फिटनेस टेस्ट नहीं हो पा रहा है। जिले के अलावा अन्य आसपास के जिलों में पुराने फिटनेस सेंटर बंद किए जा चुके हैं।

वर्तमान में बांसवाड़ा सहित प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ एवं उदयपुर संभाग पर भी एटीएस सिस्टम नहीं है। ऐसे में इन जिलों के वाहनों को अजमेर के फिटनेस सेंटर पर दौड़ लगानी पड़ रही है। इस दौड़ में वाहनों के फिटनेस टेस्ट शुल्क से ज्यादा खर्च वहां तक की दूरी तय करने में पेट्रोल-डीजल पर हो रहा है।

बांसवाड़ा जिले में एक हजार गाड़ियां बगैर फिटनेस दौड़ रहीं

फिटनेस सेंटर आसपास के जिलों में नहीं होने एवं दूरी के कारण लगने वाले समय और पेट्रोल-डीजल खर्च के चलते वर्तमान में अधिकांश वाहन मालिक फिटनेस कराने से बच रहे हैं। बांसवाड़ा जिले में इन दिनों करीब एक हजार से अधिक वाहन बिना फिटनेस के दौड़ रहे हैं।

यह है गणित

  • एक टैक्सी कार की फिटनेस पर करीब 2500 रुपए का खर्च आता है।
  • वहीं, बस एवं ट्रकों के फिटनेस टेस्ट पर 8 हजार रुपए से ज्यादा खर्च होते हैं।
  • ऐसे में सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
  • राज्य में सिर्फ चार नए फिटनेस सेंटर जयपुर, कोटा, अजमेर और सीकर शहरों में चल रहे हैं।
  • बाकी जिलों में पुराने फिटनेस सेंटर बंद हो चुके हैं।

ये रही फैक्ट फाइल

  • 1000 से ज्यादा गाड़ी बिना फिटनेस के जिले में दौड़ रहे।
  • 1300 रुपए के करीब खर्च आता है ऑटो रिक्शा के फिटनेस कराने पर।
  • 2500 रुपए के करीब होता है टैक्सी कार का फिटनेस टेस्ट।
  • 8000 रुपए बस एवं ट्रक के फिटनेस में होते हैं खर्च।