
बांसवाड़ा। नगर परिषद चुनाव के बीच बांसवाड़ा के वार्ड नंबर 12 में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी रेखा कंसारा ने अपना नामांकन वापस ले लिया। रेखा कंसारा के नामांकन वापस लेने के बाद वार्ड में चुनावी मुकाबला ही खत्म हो गया और भाजपा प्रत्याशी सोनिया वैष्णव का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। नामांकन वापसी के बाद अब इस वार्ड में मतदान की स्थिति नहीं रहेगी।
कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने की खबर सामने आने के बाद बांसवाड़ा के स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। आखिर नामांकन वापस लेने के पीछे क्या वजह रही, इसे लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में रेखा कंसारा की ओर से नामांकन वापस लेने की कोई वजह सामने नहीं आई है। दूसरी ओर वार्ड 12 में मुकाबला खत्म होने और सोनिया वैष्णव के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बनने के बाद भाजपा खेमे में खुशी का माहौल है। इसे नगर परिषद चुनाव में पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है।
नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने बहुत सोच-समझकर प्रत्याशी तय किए थे। लेकिन लेकिन प्रत्याशियों के सही से नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर पाने पर जांच में ही प्रदेश के करीब 20 जिलों के कुछ निकायों में दोनों दलों के 99 प्रत्याशी चुनावी मैदान से बाहर हो गए। पूरे प्रदेश में इसकी संख्या 200 से ऊपर बताई जा रही है।
कांग्रेस के लिए नामांकन खारिज होने का आंकड़ा भाजपा से ज्यादा रहा। पार्टी के 57 प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान अजमेर और पाली में हुआ, जहां कांग्रेस के क्रमश: 25 और 9 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए। हनुमानगढ़ में भी तीन प्रत्याशी मैदान से बाहर हो गए। बीकानेर, टोंक, भीम और श्रीगंगानगर में कांग्रेस के दो-दो नामांकन निरस्त हुए, जबकि बाकी स्थानों पर एक-एक प्रत्याशी का नामांकन खारिज हुआ। दूसरी ओर भाजपा के 42 प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हुए। अजमेर में भाजपा के 22 नामांकन खारिज हुए, जबकि दौसा और करौली में तीन-तीन तथा सवाई माधोपुर में दो प्रत्याशी मैदान से बाहर हो गए। नागौर, बीकानेर, टोंक, पाली, बूंदी, भीम, देवगढ़, श्रीगंगानगर और अलवर में भी भाजपा के प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हुए हैं।