
गांवों की अनूठी परंपरा:
रक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र बांधकर देते हैं हर सुख-दुख में साथ निभाने का भरोसा
हर परिस्थितियों में एकजुटता का संदेश देते हैं देहातवासी
साबला। बदलते दौर में जहां आधुनिकता और पश्चिमी संस्कृति की चकाचौंध ने जीवनशैली को बदल दिया है, वहीं ग्रामीण अंचल में आज भी सनातन संस्कृति की जड़ें गहरी हैं। यहां रिश्ते केवल खून के नहीं, बल्कि संवेदना, अपनत्व और सामाजिक जिम्मेदारी से भी बनते हैं। यही कारण है कि गांव में किसी परिवार पर दुख का पहाड़ टूटता है तो पूरा गांव उसके साथ खड़ा हो जाता है।
साबला क्षेत्र के गांवों में परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने के बाद आने वाला पहला त्योहार उस परिवार के लिए खुशियों से ज्यादा अपनों के साथ का संदेश लेकर आता है। दीपावली हो, होली हो या रक्षाबंधन, ग्रामीण सामूहिक रूप से मृतक के घर पहुंचते हैं और परिजनों के साथ बैठकर उनके दुख में सहभागी बनते हैं। इस दौरान पुरुष और महिलाएं परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का भरोसा देते हैं।
राखी के धागे में बंधा सामाजिक सरोकार
रक्षाबंधन पर इस परंपरा का अलग ही स्वरूप देखने को मिलता है। ग्रामीण अपने-अपने गांवों में ऐसे परिवारों के घर सामूहिक रूप से पहुंचते हैं, जहां हाल ही में किसी सदस्य का निधन हुआ हो। महिलाएं व पुरुष परिजनों को रक्षा सूत्र बांधते हैं। यह रक्षा सूत्र महज राखी नहीं, बल्कि दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े रहने और हर परिस्थिति में साथ निभाने के संकल्प का प्रतीक बन जाता है।
ग्रामीणों का मानना है कि किसी परिवार का सदस्य दुनिया से चला जाने के बाद भी वह परिवार गांव में अकेला नहीं होता। गांव ही उसका सहारा बनता है। त्योहार के बहाने घर पहुंचकर परिजनों के साथ कुछ समय बिताना और उनके दुख को साझा करना सामाजिक रिश्तों को मजबूत करता है।
आधुनिकता के बीच संवेदनाओं की डोर मजबूत
भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां पड़ोसियों तक से मिलने का समय कम होता जा रहा है, वहीं गांवों की यह परंपरा समाज को संवेदनाओं से जोड़े रखने की मिसाल है। बिना किसी औपचारिक निमंत्रण के पूरा गांव एक परिवार की तरह दुखी परिवार के घर पहुंचता है। यही लोक परंपरा ग्रामीण संस्कृति की असली पहचान है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही सामाजिक एकजुटता, भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं को आज भी जीवंत रखे हुए है।
Updated on:
1 Sep 2026, 1:11 PM IST
Published on:
29 Aug 2026, 6:02 AM IST
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