
टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने खूब माथापच्ची की, लेकिन बिगड़े सियासी समीकरण। फोटो: पत्रिका
जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने खूब माथापच्ची की। दावेदारों की राजनीतिक पकड़ से लेकर वार्ड में जीत की संभावनाओं तक सर्वे और रायशुमारी कराई गई। संगठन के नेताओं ने प्रत्याशियों की जमीनी स्थिति परखी और टिकट तय करने के लिए कई दौर की बैठकें कीं। लेकिन इतनी कवायद के बाद भी दोनों दल अपने प्रत्याशियों से नामांकन पत्र सही तरीके से दाखिल नहीं करा पाए। नतीजा यह रहा कि नामांकन की जांच में ही दोनों दलों के प्रदेश के करीब 20 जिलों के कुछ निकायों में ही 99 प्रत्याशी चुनावी मैदान से बाहर हो गए। पूरे प्रदेश में यह संख्या 200 के पार बताई जा रही है।
राजस्थान के 20 जिलों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भाजपा के 42 और कांग्रेस के 57 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए हैं। कांग्रेस को भाजपा की तुलना में 15 अधिक नामांकन खारिज होने का नुकसान हुआ। सबसे बड़ा झटका कांग्रेस को अजमेर और पाली जिले में लगा, जहां उसके 25 और 9 प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हुए। भाजपा के लिए दौसा और करौली में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही, जहां उसके तीन-तीन प्रत्याशी मैदान से बाहर हो गए।
कांग्रेस के सबसे ज्यादा नामांकन अजमेर में 25 और पाली में 9 खारिज हुए। जबकि हनुमानगढ़ मे 3 प्रत्याशी मैदान से बाहर हुए। बीकानेर, टोंक, भीम और श्रीगंगानगर में कांग्रेस के दो-दो नामांकन खारिज हुए। बाकी स्थानों पर एक-एक प्रत्याशी का नामांकन निरस्त हुआ।
| क्रम | जिला/नगर निकाय | नामांकन खारिज |
|---|---|---|
| 1 | अजमेर | 22 |
| 2 | पाली | 9 |
| 3 | हनुमानगढ़ | 3 |
| 4 | बीकानेर | 2 |
| 5 | टोंक | 2 |
| 6 | भीम (राजसमंद) | 2 |
| 7 | श्रीगंगानगर | 2 |
| 8 | सवाई माधोपुर | 1 |
| 9 | नागौर | 1 |
| 10 | करौली | 1 |
| 11 | शाहपुरा (जयपुर) | 1 |
| 12 | कोटपूतली | 1 |
| 13 | सांगोद (कोटा) | 1 |
| 14 | खंडेला (सीकर) | 1 |
| 15 | सिरोही | 1 |
| 16 | देवगढ़ (राजसमंद) | 1 |
| 17 | अलवर | 1 |
| 18 | जयपुर नगर निगम | 1 |
भाजपा के अजमेर में 22 और दौसा व करौली में सबसे ज्यादा 3-3, जबकि सवाई माधोपुर में 2 नामांकन खारिज हुए। नागौर, बीकानेर, टोंक, पाली, बूंदी, भीम, देवगढ़, श्रीगंगानगर और अलवर में भी पार्टी के प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त हुए।
| क्रम | जिला/नगर निकाय | नामांकन खारिज |
|---|---|---|
| 1 | अजमेर | 25 |
| 2 | दौसा | 3 |
| 3 | करौली | 3 |
| 4 | सवाई माधोपुर | 2 |
| 5 | नागौर | 1 |
| 6 | बीकानेर नगर निगम | 1 |
| 7 | टोंक | 1 |
| 8 | पाली | 1 |
| 9 | बूंदी | 1 |
| 10 | राजसमंद — भीम | 1 |
| 11 | राजसमंद — देवगढ़ | 1 |
| 12 | श्रीगंगानगर | 2 |
| 13 | अलवर | 1 |
नामांकन खारिज होने के बाद अब दोनों दलों के सामने उन वार्डों में चुनावी समीकरण नए सिरे से साधने की चुनौती है। खासतौर पर जहां पार्टी के प्रत्याशी मजबूत माने जा रहे थे, वहां नामांकन निरस्त होने से बागियों और निर्दलीयों को भी मौका मिल सकता है। अलवर में कांग्रेस के वार्ड 58 के प्रत्याशी हेमंत कुमार का नामांकन आपराधिक रिकॉर्ड के कारण खारिज होना बताया गया है। वहीं भाजपा की पूर्व कार्यवाहक सभापति शकुंतला सोनी का नामांकन भी निरस्त हो गया। इससे टिकट चयन के साथ प्रत्याशियों के दस्तावेजों और कानूनी पात्रता की जांच पर भी सवाल उठे हैं।
Updated on:
03 Sept 2026 11:07 am
Published on:
03 Sept 2026 11:07 am
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