Banswara News : बांसवाड़ा के घाटोल में अहमदाबाद से मंदसौर जा रही एमपी पासिंग बस में 40-50 सवारियों की जान सांसत में आ गई। सस्पेंशन टूटा हुआ था पर ड्राइवर बेखौफ बस दौड़ाता चला जा रहा था। जानें फिर क्या हुआ।
Banswara News : बांसवाड़ा के घाटोल में अहमदाबाद से मंदसौर जा रही अशोक बस सर्विस की एमपी पासिंग बस में 40-50 सवारियों की जान से खिलवाड़ सामने आई। बस के कंडक्टर साइड का एयर सस्पेंशन टूटने के बावजूद चालक तेज रफ्तार में उसे गलत लेन में दौड़ाता रहा। चलती बस से यात्रियों की चीखें सुनकर पुलिस चेती। मामले पर नाकाबंदी पर घाटोल पुलिस ने बस जब्त कर चालक को डिटेन किया।
वाकया मंगलवार सुबह करीब सवा 9 बजे हुआ। जब सेनावासा से गुजरती बस से चौकी के कांस्टेबल धर्मेश ने यात्रियों की चीखें सुनी। एमपी पासिंग बस लहराते हुए सड़क पर गलत लेन में जा रही थी। उसने सूचना दी तो एएसआई वीरभद्रसिंह ने कांस्टेबल मोहित व मुकेश के साथ थाने के सामने नाकाबंदी की। जैसे ही बस को रोका गया, भीतर बैठे यात्री चिल्लाते हुए बताने लगे कि चालक अहमदाबाद से ही इसी तरह चला रहा है। विरोध किया तो वह धमकाने लगा।
पुलिस ने पूछताछ की तो चालक ने अपना नाम मंदसौर निवासी कुर्शीद (62 वर्ष) पुत्र जफर शाह, निवासी खानपुरा मंदसौर और कंडक्टर ने प्रतापगढ़ निवासी राजू पुत्र आलम बताया। इस ओर बस जब्त कर चालक को डिटेन किया गया। इसे लेकर एएसआई वीरभद्रसिंह की रिपोर्ट पर केस दर्ज कर जांच हैड कांस्टेबल नारायण लाल को सौंपी गई।
बस के यात्री मंदसौर निवासी मनीष पाटीदार व परमाराम पाटीदार ने पुलिस को बताया कि बस का पिछला कंडक्टर साइड एयर सस्पेंसर टूटा हुआ था। सवारियां क्षमता से ज्यादा है और छत पर ओवरलोड लगेज लदा है। इसके बावजूद चालक लापरवाही कर तेजी से बस चला रहा था। बस एक तरफ झुकी होने से पलटने का खतरा था।
वहीं एक अन्य खबर में बांसवाड़ा में राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर राज्य सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। संगठन ने जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह चरपोटा ने बताया कि आरजीएचएस योजना के तहत निजी अस्पतालों में समुचित इलाज व दवाइयों की उपलब्धता नहीं हो रही है।
साथ ही ग्रीष्मकालीन व अन्य अवकाशों में कटौती तथा उपार्जित अवकाश के नगद भुगतान में महीनों की देरी से शिक्षक परेशान हैं। संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने शीघ्र मांगें पूरी नहीं की तो 18 मई को निदेशक कार्यालय बीकानेर में प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।