
अनास नदी से मामा का शव बाहर निकलती रेस्क्यू टीम। फोटो पत्रिका
Banswara Anas River Tragedy : बांसवाड़ा के अनास नदी में नाव उलटने से डूबे जयेश (22 वर्ष) के शव को आज गुरुवार तीसरे दिन रेस्क्यू टीम ने निकाला। संगमेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर लौट रहे 11 युवाओं से भरी नाव अचानक अनियंत्रित होकर उलट गई थी। नाविक सहित नौ युवाओं ने तैरकर जान बचाई थी। एक बच्चा अभी भी लापता है उसकी तलाश जारी है।
मामला यह है कि मंगलवार दोपहर बांसवाड़ा के अरथूना क्षेत्र की अनास नदी में एक नाव पलट गई। नाव में सवार 11 लोगों में से नौ तैरकर बाहर आ गए, लेकिन एक बच्चा और उसका मामा लापता हो गया। यह हादसा हैंगिंग ब्रिज से संगमेश्वर महादेव मंदिर की ओर लौटते समय हुआ। सिविल डिफेंस और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने मंगलवार शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन असफलता हाथ लगी। फिर अंधेरा होने से रेस्क्यू बंद करना पड़ा।
एसडीएम श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि सारनपुर पंचायत के भानो का पारडा निवासी युवाओं का एक समूह भैंसाऊ स्थित संगमेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने गया था। दोपहर 12 बजे नाव पर बैठकर आनंदपुरी-चिखली स्थित हैंगिंग ब्रिज पर फोटो खिंचवाने गए। दोपहर 3 बजे सभी मंदिर की ओर लौट रहे थे। नाव में एक तरफ अधिक भार के चलते पानी घुस गया। हड़बड़ाहट में सभी नाव से कूद गए। नाव में सवार 9 लोग तैरकर बाहर आ गए।
पर जयेश (22 वर्ष) पुत्र कचरा निवासी भानो का पारड़ा और उसके भांजा मानव (8 वर्ष) पुत्र नाथू तीरगर निवासी चंदूजी का गडा, मोटागांव को तैरना नहीं आता था। दोनों लापता हो गए थे। लगातार प्रयास के बाद आज रेस्क्यू टीम को सफलता हासिल हुई। पर छोटा बच्चा मानव अभी भी लापता है। उम्मीद की जा रही है जल्द ही उसे भी खोज निकाला जाएगा।
Published on:
07 May 2026 01:57 pm
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