बांसवाड़ा

बांसवाड़ा: ‘धरने पर बैठूंगा, कोई माई का लाल मुझे रोक नहीं सकता, अब कोई बच्चा नहीं मरना चाहिए’, हयान के पिता का दर्द छलका

Banswara Accident: स्कूल वैन हादसे में बेटे हयान की मौत के बाद पिता डॉ. राजेश वासनिया का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने मांगें नहीं मानीं तो स्कूल के बाहर धरने पर बैठेंगे। उनका कहना है कि अब किसी और बच्चे की जान नहीं जाने देंगे। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों को ऑटो या वैन से स्कूल न भेजें और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जाए।
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Banswara School Van Accident
पिता राजेश वासनिया और मृतक हयान की तस्वीर (पत्रिका फोटो)

Banswara School Van Accident: बांसवाड़ा के डॉ. राजेश वसानिया की दुनिया पल भर में उजड़ गई। उनके मासूम बेटे हयान की असमय मौत ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया है। जो आंखें कल तक दूसरों के बच्चों का इलाज कर खुशियां बांटती थीं, आज वही आंखें अपने ही जिगर के टुकड़े को खोकर लगातार बह रही हैं। इस असहनीय दर्द के बीच भी एक पिता का टूटना, एक बड़ी व्यवस्था के खिलाफ संकल्प में बदल गया है।

गले में अटकी सिसकियों और नम आंखों के साथ डॉ. राजेश कहते हैं, मेरे बच्चे की जान चली गई, इस कड़वे सच को मैंने स्वीकार कर लिया है। लेकिन अब मैं किसी और के मासूम को मरने नहीं दूंगा। उन्होंने ठान लिया है कि बेटे के अंतिम संस्कार के बाद वे स्कूल के दरवाजे पर धरने पर बैठेंगे और किसी भी असुरक्षित वैन को अंदर दाखिल नहीं होने देंगे। उनका यह गुस्सा उस लापरवाही के खिलाफ है, जो न जाने कितने घरों के चिराग बुझा रही है।

डॉ. राजेश ने चेताया कि बच्चों को ले जा रही अधिकांश गाड़ियां अवैध रूप से गैस पर चल रही हैं, जो सीधे तौर पर मौत को दावत देने जैसा है। उन्होंने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से अपनी खुद की सुरक्षित बसें चलाने की मांग की है। साथ ही, हाथ जोड़कर हर माता-पिता से गुहार लगाई है कि वे अपने मासूमों को ऑटो या खतरनाक वैन में स्कूल न भेजें। एक बेबस पिता का यह दर्द अब एक जंग बन चुका है, ताकि कोई और मां-बाप अपने बच्चे की अर्थी को कंधा देने पर मजबूर न हों।

वियतनाम से आ रहे भाई का इंतजार रह गया अधूरा

बांसवाड़ा में दाहोद मार्ग पर दुर्गा पेट्रोल पंप के पास बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया था। बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। ओवरटेक करने के प्रयास में हुए इस हादसे में 16 वर्षीय छात्र हयान वसानिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायल बच्चों को महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे की खबर मिलते ही हयान के घर और स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई। स्कूल प्रशासन ने तीन दिन के अवकाश की घोषणा की है। कक्षा 10वीं का छात्र हयान पढ़ाई में अव्वल होने के साथ-साथ एक उभरता हुआ सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, तबला वादक और हैंडबॉल का राज्य स्तरीय खिलाड़ी भी था।

हयान के पिता डॉ. राजेश वसानिया (आयुर्वेदिक चिकित्सक) और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वियतनाम में कार्यरत बड़ा भाई कलश, जो हयान के लिए ड्रोन लेकर आ रहा था, खबर मिलते ही भारत के लिए रवाना हो गया है। हयान ने सुबह घर से निकलते वक्त कहा था कि वह बड़े भाई का कमरा सजाएगा, लेकिन उसकी यह ख्वाहिश अधूरी ही रह गई।

ये रही हादसे की टाइमलाइन

  • 7.15 बजे सुबह दाहोद रोड पर स्कूली वैन का हादसा।
  • 7.35 बजे सुबह गंभीर घायल बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया।
  • 8.00 बजे सुबह तक अन्य दूसरे बच्चे भी एक-एक कर अस्पताल लाए जाते रहे।
  • 8.30 बजे सुबह एडीएम जिला अस्पताल पहुंचे और इसके बाद कलक्टर-एसपी पहुंचे।
  • 8.40 बजे सुबह प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू मईडा भी जिला अस्पताल पहुंचे।
  • 8.50 बजे सुबह गंभीर घायल रुद्र को उदयपुर रेफर किया गया।
  • 8.55 बजे सुबह अस्पताल प्रशासन ने हयान को मृत घोषित किया।
Updated on:
30 Jul 2026 09:13 am
Published on:
30 Jul 2026 09:13 am