घटना शहर के नजदीक बारीसिया तलाई गांव से गुजर रही मुख्य नहर पर सुबह करीब 11 बजे की है। एक विक्षिप्त महिला की जान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला कांस्टेबल गंगा ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाई।
बांसवाड़ा। शहर के कागदी पिकअप वियर क्षेत्र में बुधवार को मुख्य नहरों में महिला के उतरने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। कोतवाली क्षेत्र की दायीं मुख्य नहर (आरएमसी) में उतरी एक विक्षिप्त महिला की जान कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला कांस्टेबल गंगा ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाई। तेज बहाव और संकट के बीच दिखाए गए साहस ने हर किसी को कायल कर दिया। रेस्क्यू के बाद महिला को एमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
घटना शहर के नजदीक बारीसिया तलाई गांव से गुजर रही आरएमसी पर सुबह करीब 11 बजे की है। कोतवाल बुधाराम बिश्नोई के अनुसार, पीसीआर पर सूचना मिली कि मॉडल स्कूल के पास एक महिला नहर में उतर गई है। आत्महत्या के प्रयास की आशंका पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला कांस्टेबल गंगा सरकारी स्कूटी से तुरंत मौके पर पहुंचीं। साथ ही कोतवाली से मोबाइल टीम-कांस्टेबल दीपक, महिला कांस्टेबल चांदनी सहित अन्य पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए।
मौके पर गंगा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नहर में उतरकर महिला को समझाने और सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। लेकिन विक्षिप्त महिला बाहर आने की बजाय पानी फेंकते हुए गहरे हिस्से की ओर बढ़ गई। महिला को डूबता देख गंगा ने बिना देर किए छलांग लगाई और उसे पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव तेज था और बदहवास महिला ने गंगा को कसकर पकड़ लिया, जिससे दोनों बहने लगीं, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई।
इसके बावजूद गंगा ने हिम्मत नहीं हारी और पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी। इसी दौरान सामने से कांस्टेबल दीपक ने भी नहर में छलांग लगाई और दोनों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। सफल रेस्क्यू के बाद विक्षिप्त महिला को तुरंत एमजी अस्पताल भेजा गया।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने महिला कांस्टेबल गंगा के साहस, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल बनकर सामने आई।