राजस्थान भाजपा के कद्दावर स्तंभ और घाटोल से चार बार विधायक रहे नवनीत लाल निनामा का गुरुवार को निधन हो गया, जिससे वागड़ अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है।
राजस्थान की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। घाटोल विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नवनीत लाल निनामा ने गुरुवार को अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे निनामा को श्वसन संबंधी समस्या थी, जिसके चलते उनका देहावसान हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही समूचे बांसवाड़ा जिले और प्रदेश भाजपा परिवार में शोक की लहर छा गई। शुक्रवार सुबह उनके पैतृक गांव गरनावट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
निनामा के निधन पर प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है:
सीएम भजनलाल शर्मा: "संगठन के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु उनका समर्पित जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।"
वसुंधरा राजे: "उन्होंने सदैव अगली पीढ़ी को संबल देने के प्रयास किए। समाज के प्रति उनके योगदान को हमेशा कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।"
मदन राठौड़, वासुदेव देवनानी, सतीश पूनिया: नेताओं ने उन्हें आदिवासी समाज की बुलंद आवाज और जनसेवा का पर्याय बताया।
नवनीत निनामा का जीवन केवल चुनावी जीत-हार का आंकड़ा नहीं था, बल्कि वह संघर्ष और सादगी की एक खुली किताब थे। आइये जानते हैं उनके जीवन के वो अनछुए पहलू: