
बांसवाड़ा। शहर में स्कूली वैन हादसे में हयान की मौत के 30 घंटे बाद भी स्कूल संचालकों ने कोई सबक नहीं लिया। गुरुवार को स्कूलों की छुट्टी होने के बाद लापरवाही दिखी। किसी ऑटो में अवैध संचालन के जरिये बच्चे स्कूल और घर पहुंचे तो कहीं खटारा बालवाहिनियों में सफर करते नजर आए। सख्त निर्देशों के बावजूद ड्राइवर सीट पर बच्चे बैठे थे। एक ऑटो तो ट्रक को बायीं ओर से खतरनाक ओवरटेक करता नजर आया। दोपहर में कुछ अनफिट वाहन भी सड़कों पर दौड़ते आए।
1. कलक्ट्रेट चौराहा से प्रताप सर्किल सड़क पंर दोपहर में वैन नंबर आरजे 03, पीए 4228 बच्चों को छोड़कर जा रही थी, जिसकी कमानी टूटी हुई थी। इस संबंध में चालक से पूछा तो कोई जवाब नहीं दे पाया।
2. प्रताप सर्किल से हाऊसिंग बोर्ड की ओर जा रही एक टैम्पो ट्रेवलर संख्या आरजे03, पीए 8214 में कम उम्र की बच्ची ड्राइवर सीट के पास बैठी मिली, जबकि पीछे की कई सीटें खाली पड़ी थी।
3. प्रताप सर्किल से डूंगरपुर जाने वाले लिंक रोड पर एक ऑटो बच्चों को लेकर तेज स्पीड में दौड़ता नजर आया। ऑटो के पीछे की नंबर प्लेट भी छिपी हुई थी। तेज भागने के चक्कर में यह ऑटो गलत साइड से ट्रक को ओवरटेक करते नजर आया। ऑटो में छात्राएं पैर लटकाकर बैठी थीं।
स्कूलों के अवकाश के दौरान कई नाबालिग बाइक और स्कूटी दौड़ाते नजर आए। इनके पास न तो लाइसेंस थे और न ही हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन इन्हें टोकने की जरूरत न तो स्कूल प्रशासन से समझी और न ही इन्हें परिजनों ने समझाया। हालांकि पुलिस के जवान चौराहों पर जरूर खड़े थे, लेकिन स्कूलों से रफ्तार भरते ये बच्चे बिना किसी को रोक-टोक घर पर पहुंच गए।
उदयपुर से जयपुर जाने वाले लिंक रोड पर कुछ वाहन अनावश्यक ही रोड पर खड़े नजर आए। इनके चालक लापरवाही से इन वाहनों को सड़क पर खड़ा करके चले गए थे। इनमें बस संख्या एआर01, एस8181 हाऊसिंग बोर्ड क्षेत्र के पास खड़ी थी।
बांसवाड़ा शहर में एक दिन पूर्व हुई निजी स्कूल की वैन दुर्घटना में एक छात्र की मौत के बाद जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बांसवाड़ शहर समेत जिले भर के पुलिस थाने में स्कूल संचालक वाहनधारी की पुलिस एवं प्रशासन ने बैठके की। बांसवाड़ा रिजर्व पुलिस लाइन में एसपी सुधीर जोशी और जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव की मौजूदगी में निजी स्कूल संचालकों की बैठक आयोजित की गई। एसपी जोशी ने स्पष्ट कहा कि स्कूल में संचालित सभी बाल वाहिनियों की पूर्ण जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की भी होगी और किसी भी स्थिति में संचालक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते।
उन्होंने स्पीड गवर्नर, सुरक्षा जाली, अग्निशामक यंत्र, चालक-परिचालक के वैध लाइसेंस, पुलिस सत्यापन और निर्धारित यूनिफॉर्म अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिलेभर में स्कूल वाहनों की विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर चालक, परिचालक के साथ स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जिला कलक्टर ने भी सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और जिम्मेदारी के साथ स्कूल संचालन के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल संचालक, वाहन चालक और परिचालक मौजूद रहे।