Rajasthan Government Order : राजस्थान सरकार ने गेहूं खरीद के लिए नई पोर्टल गाइडलाइन जारी की है। नए निर्णय पर भारतीय किसान संघ ने भी खुशी जताई है।
Rajasthan Government Order : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान सरकार ने रबी विपणन सीजन (आरएमएस) 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सह-खातेदार और बटाईदार किसानों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की है। इसके अलावा मृत किसान के वारिस भी अपडेट जमाबंदी अपलोड कर गेहूं बेच सकेंगे एवं 70 वर्ष से अधिक आयु वाले किसानों को किसी अन्य जनाधार धारक को मनोनीत कर फसल बेचने का विकल्प मिलेगा। नए निर्णय पर भारतीय किसान संघ ने भी खुशी जताई है।
किसान 31 मई तक अपनी पसंद के सप्ताह में स्लॉट बुक कर उपज बेच सकते हैं। इसमें यदि किसान सह-खातेदार के गेहूं की बिक्री कर रहा है तो उसकी सहमति जनआधार नंबर और ओटीपी से ली जाएगी। वहीं बटाईदार किसानों के मामले में भूमि मालिक का जनआधार नंबर और ओटीपी से सहमति ली जाएगी। यदि जनआधार उपलब्ध नहीं है तो लिखित समझौता अपलोड करना होगा।
इसके अलावा किसानों को अब टोकन क्षेत्रीय कार्यालय की मंजूरी से खरीद केंद्र से जारी हो सकेंगे। बिना पंजीकरण वाले किसानों को प्रतिदिन शाम 6 बजे के बाद 10 प्रतिशत तक स्पॉट पंजीकरण और टोकन की सुविधा मिलेगी। क्रय केन्द्र संचालक को गिरदावरी के अनुसार अधिकतम सीमा से 5 प्रतिशत अतिरिक्त खरीद की छूट मिलेगी, जो उस दिन के 10 प्रतिशत किसानों तक सीमित होगी।
हर साल की तरह इस साल भी राजस्थान में विपणन वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार किसानों से 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं एमएसपी पर खरीदेगी। जिसके लिए किसानों को इस बार 150 रुपए बोनस सहित कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जाएगी। इस साल राजस्थान में सर्वाधिक 7 लाख 95 हजार 800 मीट्रिक टन गेहूं अतिरिक्त है। जिनमें इस बार पहले स्थान पर हनुमानगढ़ जिले से 34.6 फीसदी गेहूं व दूसरे स्थान पर श्रीगंगानगर से 5 लाख 64 हजार 100 एमटी गेहूं खरीद का टारगेट तय हुआ है।
प्रदेश सरकार ने इस साल गेहूं खरीद के लिए जिलों में 66 केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें एफसीआई, राजफेड, तिलम संघ, नैफेड, एनसीसीएफ, आरएसएफसीएससी को खरीद केंद्र आबंटित किए गए हैं। हर साल की तरह इस बार भी किसानों को जिले की मुख्य मंडियों में सभी एजेंसियों को प्लेटफॉर्म मिलेगा। इस साल वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. जिसमें राज्य सरकार 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी।