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Good News : राजस्थान में किसानों के मायूस चेहरे खिले, अब 50 फीसदी तक चमकहीन गेहूं भी खरीदेगी एफसीआई

Good News : बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल रहे किसानों के दर्द पर केंद्र सरकार ने मरहम लगाया है। गेहूं की खरीद के नियमों में ढील दी गई है। अब एफसीआइ 50 फीसदी तक चमकहीन गेहूं भी खरीदेगी।

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Rajasthan farmers sad faces blossomed Now FCI will also buy up to 50 percent dull wheat

फाइल फोटो पत्रिका

Good News : बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार झेल रहे किसानों के दर्द पर केंद्र सरकार ने मरहम लगाया है। चमकहीन, सिकुड़े और टूटे हुए दानों वाले गेहूं की खरीद के नियमों में ढील दी गई है। खराबे को लेकर भेजी गई रिपोर्ट में 11 जिलों में गेहूं की गुणवत्ता में गिरावट की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद केंद्र की 6 सदस्यों की टीम ने जांच की। आकलन के बाद प्रदेश में चमक में कमी वाले गेहूं की सीमा की छूट को प्रदेश में 50 फीसदी तक बढ़ाया है। वहीं सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा में छूट को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया है।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

राजस्थान पत्रिका ने वागड़ क्षेत्र में मौसम परिवर्तन के कारण गेहूं की गुणवत्ता में आ रही गिरावट का मुद्दा उठाया था। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने केंद्र को पत्र भेजकर गेहूं की गुणवत्ता में गिरावट की जानकारी दी।

प्रदेश में ही उपयोग में आएगा कम गुणवत्ता वाला गेहूं

राज्य सरकार को यह भी निर्देशित किया गया है कि शिथिल नियमों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से भंडारित किया जाए। इसका उपभोग राज्य के भीतर ही किया जाएगा।

छूट के आदेश जारी कर दिए हैं…

इस बार अधिक गर्मी पड़ने, बारिश होने और हवा के चलने से गेहूं सिकुड़ गया है और दाना कमजोर रहा। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (भंडारण एवं अनुसंधान प्रभाग) ने छूट के आदेश जारी कर दिए हैं।
विनीत, मैनेजर, क्वालिटी कंट्रोल, एफसीआई उदयपुर

लोकसभा अध्यक्ष बिरला के प्रयासों से मिली राहत

कोटा. प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर कोटा-बूंदी सहित पूरे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। केन्द्र सरकार ने यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के बाद लिया है। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि किसानों को नुकसान से बचाना और उनकी उपज की अधिकतम खरीद सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतम किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जाए। मंडियों में किसानों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में कठिनाई न हो। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और मंडियों में खरीद प्रक्रिया को गति मिलेगी।