Banswara : राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील ने भजनलाल सरकार से बड़ी मांग की। उन्होंने राजस्थान में सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को 50 फीसदी आरक्षण देने की मांग की है।
Banswara : राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की जिला स्तरीय बैठक जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह चरपोटा की अध्यक्षता में आबापुरा में की गई। बैठक में शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। संगठन ने सर्वसम्मति से मांग रखी कि सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और निजी कोचिंग की लूट रोकने के लिए सरकारी कॉलेजों, प्रशिक्षण कोर्स और सरकारी नौकरियों में सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित की जाएं।
इसके अलावा बैठक में शिक्षकों के वेतनमान, पदोन्नति, स्थानांतरण नीति और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह चरपोटा ने कहा कि सरकारी शिक्षा प्रणाली को मजबूत किए बिना राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। संगठन शीघ्र ही उच्च अधिकारियों और सरकार से इन मांगों को लेकर औपचारिक ज्ञापन सौंपेगा।
पदोन्नति में देरी पर रोष : तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को अतिशीघ्र पूर्ण करने की मांग उठाई गई।
मां बाड़ी केंद्रों पर सवाल : टीएसपी क्षेत्र के मां बाड़ी केंद्रों में अप्रशिक्षित शिक्षकों की ‘राजनैतिक भर्ती’का विरोध करते हुए, यहां आरटीआई नियमों के तहत स्थायी व योग्यताधारी शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई।
अवकाश कटौती का विरोध : हाल ही में सरकार द्वारा घोषित अवकाशों में की गई कटौती पर सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और पूर्व की भांति अवकाश यथावत रखने के लिए ज्ञापन देने का निर्णय लिया।
राजस्थान के शिक्षा विभाग ने इस शैक्षिक सत्र में बड़ा बदलाव किया। ग्रीष्मावकाश में 10 दिन और संस्था प्रधान के अवकाश में एक दिन की कैंची चला दी है। इस वर्ष पूरे शैक्षणिक सत्र में 244 शैक्षणिक कार्य दिवस घोषित करते हुए 32 उत्सव मनाए जाएंगे। शिविरा पंचांग के अनुसार, इस सत्र के ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन कटौती हुई है। अब गर्मियों की छुट्टियां 17 मई से 20 जून तक होगी। जबकि, पहले 30 जून तक हो रही थी।
संसाधन व समय : भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालय संचालन का समय पुराने सत्रों के अनुसार रखने और स्कूलों में मानक अनुसार भौतिक व मानवीय संसाधन सुनिश्चित करने की मांग की गई। बैठक में राजेश गुदराशिया, भूरालाल वाघेला, कमलसिंह निनामा, बहादुरसिंह गणावा, रमेश निनामा, शांतिलाल अंगारी,धनेश्वर निनामा, शांतिलाल निनामा मौजूद रहे।