बांसवाड़ा

Rajasthan Govt Job Scam: जब भी कोई भर्ती निकली उसमें खेला दांव, हर परीक्षा के लिए फर्जी अंकतालिकाओं का जुगाड़

Rajasthan Government Job Fraud: कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हथियाने के मामले में फिलहाल पूरे प्रदेश में बांसवाड़ा जिला सुर्खियों में है।
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Rajasthan Government Job Fraud
Photo: AI-generated

बांसवाड़ा। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हथियाने के मामले में फिलहाल पूरे प्रदेश में बांसवाड़ा जिला सुर्खियों में है। शारीरिक शिक्षा अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा 2022 में प्रदेश के 8 जिलों के 35 बर्खास्त शिक्षकों में 18 बांसवाड़ा से हैं।

इसमें ऐसे भी है, जो चयन बोर्ड एवं भर्ती एजेंसियों की ओर से निकलने वाली हर भर्ती पर निगाह रखते थे और भर्ती निकलने के साथ ही अलग-अलग राज्यों में फर्जी अंकतालिकाएं एवं डिग्री देने वाले एजेंटों से सांठगांठ कर आवेदन कर लेते थे। अभ्यर्थी दांव खेलते कि परीक्षा में सफल होने पर कूटरचित दस्तावेजों से सरकारी नौकरी हथिया लेंगे।

जांच में यह तथ्य आए सामने

अंकित पाटीदार : भर्ती 2018 में डीपीएड राउमावि सालिया, ब्लॉक गांगड़तलाई से बर्खास्त हुआ है। जांच में सामने आया कि बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक की परीक्षा में मेरठ, पीटीआई थर्ड ग्रेड पाठ्यक्रम 2016 और पीटीआई भर्ती 2022 में बीपीएड पाठ्यक्रम करना बताते हुए रिजल्ट अवेटेट दर्शाया।

लक्ष्मण पाटीदार : राउमावि ईटाला, ब्लॉक सज्जनगढ़ से बर्खास्त हुआ है। लक्ष्मण ने चयन बोर्ड की पीटीआई 2018 की भर्ती में भी दांव खेला था। इस दौरान बीपीएड पाठ्यक्रम चूरू से एपियर भरा था। वहीं, पीटीआई 2022 में डीपीएड पाठ्यक्रम तमीलनाडूसे 2012 में उत्तीर्ण होना भरा। चयन उपरांत दस्तावेज सत्यापन के दौरान अन्य तीसरी यूनिविसिर्टी आरएटीयू भोपाल से बीपीएड पाठ्यक्रम 2021 में उत्तीर्ण की अंकतालिका ले आया। इससे पहले लाब्रेरियन ग्रेड थर्ड 2018 में भी दांव खेल चुका था। उस दौरान लाइब्रेरी साइंस प्रमाण पत्र अरुणांचल प्रदेश से 2017 उत्तीर्ण होना बताया।

विनोद कुमार पाटीदार : राउमावि बारीगमा, बागीदौरा से बर्खास्त हुआ है। विनोद भी पूर्व के वर्षों में हुई परीक्षाओं में दांव खेल चुका है। चयन बोर्ड की कम्प्यूटर अनुदेशक भर्त 2022 में पीजीडीसीए आरएनटीयू भोपाल से सत्र 2022 में अपीयर होना बताया। पर, परीक्षा में सफल नहीं हो सका।

भीमसिंह : राउप्रावि गोड़ा, पीईईओ खुदनीहाला सज्जनगढ़ से बर्खास्त किया है। भीमसिंह भी चयन बोर्ड की बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती 2022 में आवेदन किया और निर्धारित योग्यता में एपियर होना बताया। जबकि, अभ्यर्थी के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला।

जगदीशचन्द्र : राउमावि मैयावत, पीईईओ सुंदनी हाला, सज्जनगढ़ में कार्यरत था। 2018 की पीटीआई भर्ती में आवेदन किया था। इस दौरान बीपीएड श्रीसत्यसाईं यूनिवसिर्टी सिहोर से करना तथा रिजल्ट अवेटेट बताया। 2022 में आवेदन के दौरान बीपीएड जेएस यूनिवसिर्टी से अध्ययनरत होना बताया। पूर्व प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2018 में एनटीटी पाठ्यक्रम के हिसाब से नौकरी लेना चाहा था।

कमलेश पाटीदार : राउमावि कड़दा, ब्लॉक आनंदपुरी से हटाया है। कमलेश ने कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्राम एसिस्टेंड भर्ती 2016 में तीन वर्षीय पाठ्यक्रम जोधपुर की एक विश्वविद्यालय में 2014 में एपीयर होना दर्शा आवेदन किया। साथ ही अध्यापक लेवल द्वितीय 2022 में बीएड की डिग्री 2015 से जगदगुरु रामानंदाचार्य विश्वविद्यालय में उत्तीर्ण होना बताया। अध्यापक लेवल प्रथम विशेष शिक्षा भर्ती 2022 में डीएलड यूपी से 2018 में होना बताया। वहीं, लाइब्रेरियन ग्रेड तृतीय में 2018, एनटीटी भर्ती 2018, बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक 2022, लाइब्रेरियन 2022 में भी अलग-अलग यूनिवसिर्टी से एपीयर होना बताकर आवेदन भरे।

लक्ष्य पाटीदार : राउमाविटामटिया आनंदपुरी से हटाया है। पूर्व में दी गई परीक्षाओं के आधार पर सामने आया कि 2016 में एमएलएसयू से स्नातक की है। जबकि, 2016 में एनटीटी कोर्स करना भी बताया। पीटीआई भर्ती 2018 में झांसी से बीपीएड करना बताया। वहीं, 2018 में ही राजस्थान से बीएड भी की है। एक समान अवधि में दो अलग-अलग स्थानों से पाठ्यक्रम करना सामने आया। वहीं, परीक्षाओं में दर्ज शैक्षणिक योग्यताओं के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिले।

लविश कुमार पाटीदार : राउप्रावि नवापाड़ा, लोहारिया की सेवाएं समाप्त की है। लविश ने पहले भी लाइब्रेरियन भर्ती 2018, 2022 में दांव खेला और आवेदन में बताया कि लाईब्रेरी साइंस की की डिग्री 2018 में की है। जबकि, इस दौरान 2015 से 2018 के मध्य बीएससी की डिग्री नियमित विद्यार्थी के रुप में अध्ययनरत था।

सुनील कुमार पाटीदार : राउमावि सरेड़ी छोटी गढ़ी से बर्खास्त किया है। अभ्यर्थी ने बेसिक कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती 2022 में आवेदन किया और श्रीकृष्णा विश्वविद्यालय छत्तरपुर एमपी से पीजीडीसीए करना बताया। पर, बाद में कोई दस्तावेज नहीं मिला।

देवेंग सिंह : देवेंग ने चयन बोर्ड की सूचना सहायक और पूर्व प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी दांव खेला था। दोनों भर्तियों में अलग-अलग कॉलेजों में एपियर होना दर्शाकर आवेदन किया।

ईश्वरलाल पाटीदार : राउमावि करणपुर गढ़ी से हटाया है। पाटीदार ने एनटीटी 2018 में आवेदन किया। इसमें उत्तराखंड से 2016 में कोर्स करना बताया। यह नियमित पाठ्यक्रम है। जबकि, पूर्व में भरे आवेदनों में सामने आया कि वर्ष 2015 में नियमित विद्यार्थी के रुप में स्नातक की है।

अब सब ऑनलाइन

अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी पाने के लिए तरह-तरह के जुगाड़ किए। पर, अब सारा ही मामला ऑनलाइन हो गया है। जांच एजेंसियों ने भर्ती एजेंसियों के सर्वर से पूर्व में हुई भर्तियों का डाटा अपलोड किया तो अभ्यर्थियों की पूरी कुण्डली निकल गई।

Updated on:
25 Apr 2026 03:07 pm
Published on:
25 Apr 2026 03:07 pm