Rajasthan Panchayat Elections : राजस्थान में पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव किया गया है। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला कलक्टर को आदेश जारी किए हैं। जानें क्या है बड़ा फैसला?
Rajasthan Panchayat Elections : राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत अब पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान ईवीएम से नहीं और बैलट पेपर से कराए जाने का निर्णय लिया है। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी जिला कलक्टर को गाइडलाइन भी जारी कर दी है। आदेशों के जारी होने के साथ ही जिला निर्वाचन कार्यालय ने बरसों भण्डार में जंग खा रही लोहे की मतपेटियों की सार-संभार शुरू कर दी हैं।
हालांकि, पंचायती राज चुनाव के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से ही होंगे। दोहरी मतदान प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन कार्यालय की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया के बाद अब जिले में 13 पंचायत समितियों में 547 सरपंच बनेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार पंच और सरपंच के चुनाव मत पत्र एवं मत पेटियों के माध्यम से कराए जाने तय किए हैं। ऐसे में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को भी सुनिश्चित करने को कहा है। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव ईवीएम से होंगे। आदेशों में उल्लेख किया है कि यदि किसी जगह ईवीएम कम पडेगी या किसी तरह की कोई अव्यवस्था होती है, तो वहां भी बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के माध्यम से ही मतदान प्रक्रिया होगी।
राजस्थान में गत तीन पंचायती राज चुनावों से पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों सहित सभी पदों के चुनाव ईवीएम के माध्यम से ही हो रहे थे। गत पंचायती राज चुनाव भी ईवीएम से ही हुए थे। पर, पर डेढ़ दशक के बाद पंच और सरपंच चुनावों में बैलेट प्रणाली की वापसी हो रही है।
प्रशासनिक दृष्टि से विधानसभा, लोकसभा, नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनाव में सबसे जटिल चुनाव पंचायती राज चुनाव माने जाते हैं। इसमें मतदाता सीधे अपने गांव की सरकार चुनते हैं। ऐसे में छोटी-मोटी घटनाएं भी आम बात होती है। कई बार कार्यकर्ताओं में प्रचार-प्रसार के दौरान झड़पे भी हो जाती है।
अब तक ईवीएम से मतदान होने पर परिणाम तुरंत एवं सटीक निकल जाता था। पर, अब बैलेट पेपर से चुनाव होने से मतगणना दौरान चुनाव में तैनात होने वाले कार्मिकों को खासी परेशानी होगी। मतगणना बार-बार करवाए जाने का दबाव रहेगा। वहीं, प्रशासन को भी मतदान एवं मतगणना दौरान अतिरिक्त पुलिस जाब्ते के बंदोबस्त करने होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश प्राप्त हो गए हैं। इसके अनुसार प्रारम्भिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पंचायती राज चुनाव आयोग की तय गाइडलाइन के अनुसार करवाए जाएंगे।
डा. इन्द्रजीत यादव, जिला निर्वाचन अधिकारी, बांसवाड़ा