27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Green Expressway : कोटपुतली–किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस-वे की अभी तक नहीं बनी डीपीआर, जानें क्यों अटका है ये प्रोजेक्ट

Rajasthan Green Expressway : कोटपुतली –किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस-वे की घोषणा बजट 2024-25 में हुई थी। राजस्थान के सात जिलों से जुड़ने वाले इस ग्रीन एक्सप्रेस-वे की अभी तक डीपीआर भी नहीं बनी है। आखिर इस ग्रीन एक्सप्रेस-वे निर्माण क्यों अटका है, जानिए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बांसवाड़ा

•

image

Sanjay Kumar Srivastava

•

Updated: 18 Mar 2026, 10:07 AM IST

Kotputli-Kishangarh Green Expressway DPR not ready Know why this project is stuck

ग्राफिक्स फोटो - AI

Rajasthan Green Expressway : दक्षिण राजस्थान को प्रदेश की राजधानी जयपुर से जोड़ने के लिए ग्रीन एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा अभी तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। दक्षिण राजस्थान तक राजधानी की पहुंच बढ़ाने और यात्रा में लगने वाली दूरी का समय कम करने को मुख्यमंत्री ने अपने पहले बजट में कोटपुतली–किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस-वे की घोषणा की थी, लेकिन इस महत्वाकांक्षी परियोजना की दो साल में अब तक डीपीआर तैयार नहीं हो सकी है।

विभाग से आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) और भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रक्रियाधीन है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात इसके निर्माण में आ रही वन विभाग की जमीन है। इसके चलते कि ग्रीन एक्सप्रेस-वे का निर्माण अभी तक अटका हुआ है।

ग्रीन एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगे 7 जिले

इस सड़क परियोजना के निर्माण से दक्षिण राजस्थान की राजधानी तक सीधी पहुंच तो संभव होगी ही, इसके साथ ही प्रदेश के सात जिले भी इस एक्सप्रेस से जुड़ जाएंगे, जिससे इन जिलों में पहुंचने की दूरी भी कम होगी और लोग आसानी से आ-जा सकेंगे। यह ग्रीन एक्सप्रेस-वे मुख्य रूप से कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर, सीकर, डीडवाना-कुचामन, नागौर और अजमेर जिलों से होकर गुजरेगा।

किशनगढ़ तक के मार्ग का निर्धारण

ग्रीन एक्सप्रेस-वे परियोजना का मार्ग निर्धारण किशनगढ़ के तोलामाल तक हो चुका है, लेकिन अजमेर से बांसवाड़ा तक का मार्ग अभी तक तय होना बाकी है। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि अजमेर की बजाय किशनगढ़ के तोलामाल से बांसवाड़ा तक का मार्ग निर्धारित किया जाए। इससे उत्तरी और दक्षिणी राजस्थान को ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

कोटपुतली–किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस एक महत्वाकांक्षी परियोजना

कोटपुतली–किशनगढ़ ग्रीन एक्सप्रेस-वे राजस्थान की एक महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। यह राज्य की सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी। यह 181 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है। यह पूरी तरह नई जमीन पर बनाया जा रहा है। परियोजना की अनुमानित लागत ₹6,906 करोड़ है। इसके लिए लगभग 1,679 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।

यह एक्सप्रेस-वे कोटपुतली (NH-148B के पास) से शुरू होकर खाटू श्यामजी, रींगस, खंडेला, मकराना, नावां, कुचामन सिटी, रुपनगढ़, रेनवाल, पलसाना जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरते हुए किशनगढ़ (NH-48) तक जाएगा। वर्तमान में कोटपुतली से किशनगढ़ का सफर 5-6 घंटे लेता है, लेकिन इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद यह समय घटकर महज 2 घंटे रह जाएगा। इससे दिल्ली-जयपुर-अजमेर कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी।

बड़ी खबरें

View All

बांसवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग