
ग्रामीणों से समझाइश करती टीम। फोटो- पत्रिका
बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र में सरकारी टीम पर पथराव की घटना ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। घटना उस समय हुई जब नगरपालिका प्रशासन और पुलिस की टीम सरकारी जमीन पर स्थायी डंपिंग यार्ड के निर्माण के लिए निशानदेही कर रही थी। अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने पहाड़ी पर चढ़कर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
इस हमले में एक महिला कांस्टेबल समेत 10 से अधिक कर्मचारी घायल हुए और सरकारी वाहनों के कांच टूट गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान की ओर पीछे हटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, कुशलगढ़ से लगभग 6-7 किलोमीटर दूर हिंडोलिया चारण गांव में नगर पालिका के लिए 2 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। यह जमीन पहले फसल के लिए उपयोग में थी, जिसे कटने के बाद खाली पाया गया।
मंगलवार सुबह करीब 11 से 12 बजे प्रशासन की टीम सीमांकन (पैमाइश) के लिए वहां पहुंची। टीम में एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और नगर पालिका का जाब्ता शामिल था। जैसे ही टीम स्थान पर पहुंची, आसपास के हिंडोलिया चारण, कांकणवाणी और कलिंजरा क्षेत्र के करीब 200-250 लोग विरोध करने लगे। कुछ ग्रामीणों ने माहौल बिगाड़ते हुए पथराव शुरू कर दिया और गोफन के माध्यम से भी पत्थर फेंके। इस हमले में एसडीएम राकेश न्योल और तहसीलदार की सरकारी गाड़ियों के शीशे टूट गए।
कुशलगढ़ एसडीएम राकेश न्योल ने बताया कि नगर पालिका को आवंटित जमीन की पैमाइश करने के लिए टीम वहां गई थी। तभी उपद्रवियों ने हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने क्षेत्र में भारी बल तैनात किया और राजकार्य में बाधा डालने तथा पथराव करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दी है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन सतर्कता बनाए हुए है।
Published on:
17 Mar 2026 05:06 pm
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