
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव सचिन पायलट अपने दो दिवसीय वागड़ अंचल के दौरे पर रहे, जहां उनका एक बेहद अनूठा और देसी अंदाज आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को बांसवाड़ा जिले के गनोड़ा कस्बे में पहुंचते ही स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उनका बेहद भावभरा और पारंपरिक स्वागत किया। इसी दौरान जब वे गनोड़ा बस स्टैंड से गुजर रहे थे, तो कार्यकर्ताओं के अत्यधिक आग्रह पर पायलट खुद को रोक नहीं पाए और बस स्टैंड पर स्थित एक साधारण चाय की थड़ी पर जाकर बैठ गए। वहां उन्होंने न सिर्फ स्थानीय लोगों के बीच बैठकर गर्मागर्म चाय की चुस्कियां लीं, बल्कि ग्रामीणों के साथ बेहद आत्मीयता से बातचीत कर उनके जमीनी मुद्दों को भी जाना।
जैसे ही लोगों को भनक लगी कि पायलट बस स्टैंड पर आम जनता के बीच बैठे हैं, वैसे ही इस युवा नेता की एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, युवा और महिलाएं वहां उमड़ पड़े, जिससे पूरा गनोड़ा कस्बा राजनीतिक रंग में सराबोर नजर आया।
चाय पीने के बाद जब सचिन पायलट वहां से रवाना होने लगे, तो उन्होंने थड़ी संचालक रणछोड़ को अपने पास बुलाया और मुस्कुराते हुए एक ऐसी बात कही जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
पायलट ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "राजनीति में नेता ऐसे ही बदनाम हो जाते हैं कि वे बिना पैसे दिए चले जाते हैं, लेकिन मैं वैसा बिल्कुल नहीं हूं। मैं आपकी चाय के पैसे देकर ही जाऊंगा। आप जैसे छोटे दुकानदारों का किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं होना चाहिए।"
पायलट ने अपनी जेब से 500 रुपए का एक नोट निकाला और रणछोड़ को थमा दिया। चायवाले ने पैसे लेने से पहले तो साफ मना कर दिया, लेकिन पायलट के बार-बार आत्मीय आग्रह के बाद उसने बेहद आदरपूर्वक वह नोट स्वीकार किया।
इस व्यवहार से भावुक होकर थड़ी संचालक रणछोड़ ने पायलट से कहा कि वह इस 500 रुपए के नोट को कभी भी बाजार में खर्च नहीं करेगा, बल्कि इसे अपने जीवन की एक बेशकीमती धरोहर मानकर हमेशा के लिए संभालकर रखेगा।
इससे पहले, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे गनोड़ा बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर के पास हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय आदिवासी समाज के लोग हाथों में मालाएं और पारंपरिक वाद्ययंत्र लेकर एकत्रित हुए थे। पायलट के आते ही पूरा इलाका जोरदार नारेबाजी से गूंज उठा। वागड़ की संस्कृति का सम्मान करते हुए स्थानीय नेताओं ने सचिन पायलट के सिर पर रंग-बिरंगे धागों से बनी पारंपरिक 'गोफण' बांधी।
घाटोल विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक नानालाल निनामा ने उन्हें आदिवासी शौर्य और संस्कृति का प्रतीक 'तीर-कमान' भेंट कर उनका अभिनंदन किया। क्षेत्र की महिलाओं ने भी मंगल गीत गाकर और पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर इस युवा नेता का स्वागत किया।
सचिन पायलट के इस महत्वपूर्ण वागड़ दौरे को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान क्षेत्र के तमाम बड़े कांग्रेस चेहरे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते दिखाई दिए। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, बांसवाड़ा के वर्तमान विधायक अर्जुन सिंह बामनिया, उदयपुर के कद्दावर नेता रघुवीर मीणा, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नेमी कुमार जैन, पंचायत समिति सदस्य दिनेश व्यास, मंडल अध्यक्ष परमेश्वर नायक, ब्लॉक अध्यक्ष अजीत मुंगानिया, महावीर पुरी, हेमंत मईड़ा, देवीलाल सरोदिया और गीता पटेल सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय पंच-सरपंच और मंडल पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पायलट का इस तरह सीधे जनता के बीच जाना, थड़ी पर बैठकर चाय पीना और आदिवासियों के पारंपरिक प्रतीकों को अपनाना, क्षेत्र में कांग्रेस के जनाधार को और मजबूत करने की एक सोची-समझी जमीनी रणनीति का हिस्सा है। इस दौरे से न केवल स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, बल्कि आगामी स्थानीय चुनावों के लिए भी पार्टी की स्थिति मजबूत होती दिख रही है।