
Banswara Monsoon Update : राजस्थान का चेरापूंजी कहा जाने वाला दक्षिणी राजस्थान का बांसवाड़ा जिला मानसून पूर्व बारिश का इंतजार कर रहा है। ठण्डी हवाएं मन बहला कर लौट रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी दोनों शाखाओं की धीमी प्रगति का असर देश के कई हिस्सों के साथ दक्षिणी राजस्थान में भी देखने को मिल रहा है। सामान्य वर्षों की तुलना में इस बार मानसून अपेक्षाकृत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। वागडू अंचल के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ सहित मेवाड़ क्षेत्र में अब तक मानसून पूर्व की वर्षा गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि, अगले सप्ताह में प्री-मानसून सक्रिय होने की संभावना है।
आमतौर पर मुंबई में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 10 जून के आसपास मानी जाती है। पर, इस वर्ष मानसून अब तक वहां पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। अरब सागर शाखा के कमजोर पड़ने तथा बंगाल की खाड़ी शाखा की धीमी प्रगति के कारण मानसून का विस्तार सामान्य गति से नहीं हो सका है। इसका सीधा प्रभाव राजस्थान सहित पश्चिमी भारत के कई क्षेत्रों पर पड़ रहा है। 13-6-2026 शाम 5.30 भारतीय मौसम की ओर से जारी उपग्रह चित्र में मानसूनी बादल की स्थिति को स्पष्ट दर्शाता है की पूरा उत्तर पश्चिमी भारत में बादल बहुत ही कम है।
दक्षिणी राजस्थान में कुछ दिनों से दिन के तापमान के साथ-साथ वातावरण में नमी बढ़ी है। वागड़ एवं मेवाड़ क्षेत्र में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही हैं। यदि वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो अगले सप्ताह से प्रदेश के दक्षिणी भागों में मानसून पूर्व की बारिश हो सकती है। वहीं, 23 जून के बाद मानसून अपनी रंगत में आ सकता है।
बढ़ती आर्द्रता और स्थानीय तापीय प्रभावों के कारण शाम के समय मौसम में अचानक परिवर्तन देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने, धूलभरी आंधी आने तथा कहीं-कहीं खंड वर्षा होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि भी हो सकती है। यदि बंगाल की खाड़ी शाखा की सक्रियता बढ़ती है तो जून के दूसरे पखवाड़े में दक्षिणी राजस्थान में वर्षा गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
प्रो. नरपतसिंह राठौड़, भूगोल शाखा के पूर्व विभागाध्यक्ष, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर
1030.80 मिमी वर्षा दर्ज की थी 2023 में
1099.70 मिमी वर्षा हुई थी 2024 में
1117.50 मिमी वर्षा हुई 2025 में
933.40 मिमी वर्षा है जिले की 10 साल की औसत वर्षा
4 टॉप प्रदेश के जिलों में शामिल है बांसवाड़ा, बारिश के लिहाज से।