बाराबंकी

इलाज और नौकरी का दावा, चर्च में 300 लोगों का कराया जा रहा था धर्मांतरण, पादरी समेत 10 आरोपी गिरफ्तार

बाराबंकी में एक धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यहां पर यूपी के कई जिलों से तकरीबन 300 लोगों को नौकरी और इलाज का लालच देकर सेंट मैथ्यू चर्च में धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। मामले की जानकारी सुनते ही पुलिस एक्शन में आ गई और पादरी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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Feb 07, 2024
300 people were being converted in church 10 accused including pastor arrested

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में तकरीबन 300 हिंदुओं को लालच देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित कराने का मामला सामने आया है। जैसे ही इस मामले में जानकारी पुलिस को हुई तो तुरंत ही एक्शन में आ गई। इस मामले में पुलिस ने एक चर्च के पादरी सहित दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने मंगलवार को कहा कि आरोपियों पर उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धार्मिक रूपांतरण निषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसे धर्मांतरण विरोधी कानून के रूप में जाना जाता है।

इलाज के बहाने अयोध्या से यहां लाया गया था: सर्कल अधिकारी
पुलिस के मुताबिक सोमवार शाम को बाराबंकी के देवा इलाके में सेंट मैथ्यूज मेथोडिस्ट चर्च में सामूहिक धर्मांतरण की कोशिश को नाकाम करते हुए 10 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। बाराबंकी के सर्कल अधिकारी बीनू सिंह ने कहा कि उप- विभागीय मजिस्ट्रेट विजय कुमार त्रिवेदी के साथ एक पुलिस टीम ने चर्च के कॉन्फ्रेंस हॉल पर छापा मारा और पाया कि लगभग 300 लोग थे, जिनमें ज्यादातर अनुसूचित जाति समुदाय के थे, ये लोग पादरी के बुलाने पर इकट्ठा हुए थे।

अधिकारी ने कहा कि इन लोगों को धार्मिक गतिविधि के माध्यम से उनकी बीमारी के इलाज के बहाने अयोध्या से यहां लाया गया था। इन सभी नौकरियों का लालच दिया गया था। ज्यादातर लोग अनपढ़ थे और चर्च में इकट्ठा होने के पीछे की मंशा को समझ नहीं पाए। उन्होंने कहा, "पादरी धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से उनका इलाज करने के झूठे दावे करके उनका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहा था।"

आरोपियों को कोर्ट से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया
पुलिस ने बताया कि चर्च के पादरी फादर डोमिनिक के अलावा मौके से गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों की पहचान सरजू प्रसाद गौतम, पवन कुमार, सुनील पासी, घनश्याम गौतम, सुरेंद्र पासवान, राहुल पासवान, रामचरण रावत, धर्मेंद्र कोरी और सूरज गौतम के रूप में हुई है। मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

Updated on:
07 Feb 2024 12:34 pm
Published on:
07 Feb 2024 12:32 pm