
Barabanki Murder Case: महादेवा कॉरिडोर परियोजना के तहत मिले 42 लाख रुपये के मुआवजे के लालच में भाई ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बहन की हत्या कर दी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू गौतम की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके सगे भाई संदीप और भाभी शीतल उर्फ मायावती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
आरोप है कि दोनों ने मंजू का सिर और मुंह बुरी तरह कुचलकर उसकी हत्या की थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि संदीप का मकान महादेवा कॉरिडोर परियोजना की जद में आया था। इसके बदले उसे करीब 42 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। संदीप को आशंका थी कि इस रकम में उसकी बहन मंजू को भी हिस्सा देना पड़ सकता है। इसी लालच में उसने पत्नी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
गत 30 अक्टूबर को रामनगर थाना क्षेत्र के महादेवा मंदिर से करीब 200 मीटर दूर दलित बस्ती में मंजू गौतम का शव उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मंजू विकासखंड सूरतगंज की लोधौरा ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर तैनात थी।
घटना की जानकारी मिलने पर उसकी छोटी बहन वंदना मौके पर पहुंची। घर के अंदर मंजू का क्षत-विक्षत शव पड़ा था। उसका सिर और मुंह बुरी तरह कुचला हुआ था। वंदना ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वंदना ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि मंजू के भाई संदीप को जमीन के मुआवजे के रूप में करीब 42 लाख रुपये मिले थे। इस रकम में हिस्सा न देना पड़े, इसके लिए संदीप ने मंजू के साथ दो-तीन बार मारपीट भी की थी। वंदना ने हत्या में भाई और भाभी के शामिल होने की आशंका जताई थी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में संदीप और उसकी पत्नी शीतल उर्फ मायावती की भूमिका संदिग्ध मिली। वारदात के बाद दोनों घर से फरार हो गए थे।
एडिशनल एसपी उत्तरी विवेक तिवारी के मुताबिक, पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद दोनों को गजपतिपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में संदीप ने पत्नी के साथ मिलकर बहन की हत्या करने की बात कबूल की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।