Hadoti News: परियोजना में बारां जिले के 907 गांव तथा कोटा जिले के 184 और झालावाड जिले के 311 गांव के 1402 गांव और करीब 276 ढाणियों के करीब डेए़ लाख परिवारों को नल कनेक्शन देकर लाभांवित किया जाना प्रस्तावित है।
Rajasthan News: सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत परवन वृह्द पेयजल योजना के तहत हाड़ौती के बारां समेत झालावाड़ और कोटा जिले के लोगों को घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने का सपना करीब चार वर्ष बाद भी अधूरा है। परियोजना के तहत बार-बार टैंडर प्रक्रिया की जा रही है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया को फाइनल करने में उदासीनता दिखाई जा रही है। अब तीन बार तो टेंडर जारी कर दिए गए लेकिन अब तक फाइल अटकी हुई है। जबकि यह योजना वर्ष 2021 में स्वीकृत हो गई थी।
सरकार की ओर से परवन वृह्द सिंचाई परियोजना के तहत झालावाड़ जिले के अकावद में बांध बनाकर हाड़ौती के बारां, कोटा व झालावाड़ तीनों जिलों में पेयजल आपूर्ति करने के लिए परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना तैयार की गई तथा 3 सितंबर 2021 को एसएलएसएससी की 27वीं बैठक में परियोजना को मंजूरी दी गई तथा इसके लिए 3523.16 करोड़ की जारी की गई थी। परियोजना में बारां जिले के 907 गांव तथा कोटा जिले के 184 और झालावाड जिले के 311 गांव के 1402 गांव और करीब 276 ढाणियों के करीब डेए़ लाख परिवारों को नल कनेक्शन देकर लाभांवित किया जाना प्रस्तावित है।
सूत्रों ने बताया कि परियोजना के लिए बार-बार टेंडर जारी किए गए। देश की कई प्रमुख संवेदक कंपनियों ने टेंडर भी डाले, खोले भी गए, लेकिन किसी ना किसी तकनीकी कारण के चलते टेंडर मंजूर ही नहीं किए गए। परियोजना को कांग्रेस सरकार के शासन में स्वीकृत किया गया था और उसी शासन में दो बार टेंडर निरस्त कर दिए गए थे। इसके अलावा मामला सचिवालय और न्यायालय में जाने से भी टेंडर प्रक्रिया फाइनल होने में देरी पर देरी होती गई। अभी भी टेंडर तो करा लिए गए और खोल भी दिए गए है, लेकिन अनुमोदन नहीं किया गया। फाइल अनुमोदन के लिए वित्तीय विभाग में अटकी हुई है।
परियोजना की स्वीकृति - 2021
लाभांवित गांव - 1402 गांव
लाभांवित ढाणी - 276
कुल लागत - 3523.16 करोड़ रुपए
अकावद (झालावाड़) परवन नदी पर
हाड़ौती में 9400 किमी लंबी लाइन बिछाई जाएगी
इंटैकवैल बनेंगे - 02
नल कनेक्शन होंगे - 152437
टेंडर प्रक्रिया पूरी कर फाइल को अनुमोदन के लिए वित्तीय विभाग को भेजी हुई है। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कार्यादेश समेत अन्य आगे की प्रक्रिया होगी।
आलोक गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना