बारां

झालावाड़, कोटा के बाद बारां में भी ‘महामारी’ की दस्तक

माथना गांव में 47 कौए व 2 चिडिय़ा मृत मिलीं

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Jan 02, 2021
झालावाड़, कोटा के बाद बारां में भी 'महामारी' की दस्तक

बारां. संभाग के कोटा व झालावाड़ जिलों के बाद अब बारां में भी शुक्रवार को कौओं व अन्य पक्षियों की बर्ड फ्लू से मौत का मामला सामने आया है। हालांकि पशुपालन व वन विभाग के अधिकारी अभी मृत पक्षियों के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भिजवाया गया है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही पक्षियों की बीमारी के बारे में स्पष्ट हो सकेगा।

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उपवन संरक्षक दीपक गुप्ता ने बताया कि बारां तहसील के माथना गांव स्थित सीनियर सैकंडरी स्कूल के प्राचार्य ने दोपहर में स्कूल परिसर में आधा दर्जन से अधिक मृत कौओं के बारे में बारां के रेंजर को जानकारी दी थी। इसके बाद वे टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। यह जानकारी पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. हरिबल्लभ मीणा को मोबाइल पर देनी चाही तो उनका फोन डायवर्ट मिला। इसके बाद जिला पशुु रोग निदान केन्द्र के प्रभारी डॉ. गणेश चंपतराय घोड़े को देकर उन्हें मौके पर बुलाया गया। बाद में गांव में मृत पक्षियों की तलाशी के लिए ग्रामीणों के सहयोग से तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसमें स्कूल परिसर से 7, खेतों से 5, सड़क से 2 तथा प्रधानजी की बाड़ी से 32 कौए तथा गांव से ही एक किंगफिशर व एक मैग्पाई बर्ड मृत मिले। इनमें पांच कौओं के अलावा दोनों चिडिय़ाओं के शव जांच के लिए गए। शेष का दाह संस्कार किया गया। पशुपालन विभाग के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि दो दिन पूर्व जिले के शाहाबाद कस्बे में भी कौओं की मौत की जानकारी मिली थी। इसके बावजूद विभाग के किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचना तक उचित नहीं समझा। अब माथना गांव में बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत से जिला प्रशासन, पशुपालन व वन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए है।

3-4 दिन से हो रही मौत
ग्रामीणों ने बताया पिछले तीन-चार दिनों से गांव में कौओं समेत अन्य पक्षियों की मौत हो रही है। इनके शव को कुत्ते व बिल्ली खा रहे थे। तब सर्दी से पक्षियों की मौत का अनुमान लगाया जा रहा था। शुक्रवार को जब इतनी बड़ी संख्या में मृत पक्षी मिले तो वन विभाग के अधिकारियों को प्राचार्य के माध्यम से जानकारी दी गई।

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भोपाल से मिलने वाली रिपोर्ट से ही पक्षियों की मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। लेकिन विभागीय स्तर पर सभी अधिकारी व कर्मचारियों को उनके क्षेत्र में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
दीपक गुप्ता, उप वन संरक्षक बारां

Published on:
02 Jan 2021 12:18 am
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