
Baran : बारां. कृषि बीज, दवाइयां और खाद वितरण का लाइसेंस चलाने वाले व्यवसायी से रजिस्टर और बिल सत्यापित करने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में एसीबी ने कृषि विभाग बारां के तत्कालीन संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। दिलचस्प घटनाक्रम यह रहा कि कोटा एसीबी आरोपी को ट्रैप करने की तैयारी में थी, लेकिन कार्रवाई से पहले ही एक अन्य परिवादी की शिकायत पर एसीबी बारां ने उसे रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। इसके चलते कोटा एसीबी का ट्रैप नहीं हो सका।
एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार के अनुसार परिवादी ने गत 5 मई को एसीबी कोटा के समक्ष शिकायत दी थी। परिवादी के पास कृषि बीज वितरण, दवाइयां सप्लाई करने और खाद वितरण का लाइसेंस है। लाइसेंस के तहत किए जाने वाले काम से संबंधित रजिस्टर और बिल का वर्ष में एक बार संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार बारां द्वारा सत्यापन किया जाता है। जिस संदर्भ में व्यवसायी आनन्दीलाल मीणा से मिला था।
परिवादी ने शिकायत में आरोप लगाया कि इन रजिस्टर और बिलों को सत्यापित करने की एवज में तत्कालीन संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि रिश्वत नहीं देने पर लाइसेंस निरस्त करने की धमकी दी गई। जिसके बाद से परिवादी परेशान था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी कोटा ने 6 मई को रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी में जुट गई।
इसी बीच घटनाक्रम ने अचानक नया मोड़ ले लिया। एसीबी कोटा की ओर से ट्रैप कार्रवाई किए जाने से पहले ही एक अन्य परिवादी की शिकायत पर एसीबी बारां ने आनन्दीलाल मीणा को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के कारण कोटा एसीबी की प्रस्तावित ट्रैप कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि रिश्वत मांग के सत्यापन में पुष्टि होने के बाद एसीबी कोटा ने इस मामले में अलग से प्रकरण दर्ज कर लिया है। अब मामले की जांच एसीबी कोटा देहात के पुलिस निरीक्षक शरीफ अहमद कर रहे हैं। इस प्रकरण में गिरफ्तार आनन्दीलाल मीणा से पूछताछ चल रही है।