
बारां। जिले के छबड़ा कस्बे में एक विवाहिता की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि रिश्तेदार युवक की लगातार अभद्रता और उत्पीड़न से परेशान होकर महिला शनिवार रात पति के साथ पुलिस थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंची थी। देर रात घर लौटने के कुछ घंटे बाद ही उसने फंदा लगाकर जान दे दी। चार साल पहले शादी करने वाली रीना अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
पुलिस के अनुसार गोपालपाड़ा निवासी रामप्रताप मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी पत्नी रीना को उनके काका का बेटा घनश्याम मीणा लंबे समय से परेशान कर रहा था। वह आए दिन गाली-गलौच करता था और अभद्र व्यवहार करता था। शनिवार रात करीब 10 बजे भी विवाद होने पर रामप्रताप अपनी पत्नी को लेकर छबड़ा थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ गाली-गलौच, अभद्रता तथा मंगलसूत्र तोड़ने की शिकायत दी।
परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। रात करीब 12 बजे दंपती घर लौट आया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी घनश्याम मीणा ने गाली-गलौच और परेशान करना जारी रखा। अगले दिन सुबह जब रामप्रताप की नींद खुली तो उन्होंने पत्नी को साड़ी के फंदे से लटका हुआ पाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
रविवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने पति की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिला द्वारा पहले दी गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी और आत्महत्या के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई।
मृतका के पिता कजोड़ ने बताया कि रीना की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं और उसका पति मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पारिवारिक तनाव और आरोपी की हरकतों से उनकी बेटी मानसिक रूप से बेहद परेशान थी। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा होती।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं रीना की मौत के बाद उसके दो छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है, जिससे पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।