23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Baran News: थाने का हेड कांस्टेबल 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एक दलाल भी पकड़ा गया

बारां में एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कवाई थाने के हेड कांस्टेबल रामनिवास और एक दलाल को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि परिवादी को कार्रवाई और झूठे मुकदमे से बचाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बारां

•

image

Kamal Mishra

•

Updated: 3 Sep 2026, 8:36 PM IST

Baran

Baran ACB Action: एसीबी की गिरफ्त में आरोपी (फोटो-पत्रिका)

बारां। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की बारां इकाई ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए कवाई थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल रामनिवास को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि हेड कांस्टेबल परिवादी को कार्रवाई से बचाने और झूठे मुकदमे में नहीं फंसाने की एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। आरोपी ने रिश्वत की राशि परिवादी के गांव के रहने वाले दलाल हंसराज राठी के माध्यम से ली।

एसीबी बारां के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम वर्मा ने बताया कि परिवादी गिर्राज नागर ने शिकायत दी थी कि कवाई थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रामनिवास उसके खिलाफ एक्ट की कार्रवाई करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांग रहा है। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने 70 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।

सत्यापन के बाद एसीबी ने बिछाया जाल

एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। इस दौरान हेड कांस्टेबल की ओर से 15 हजार रुपए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।

गुरुवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक ओम प्रकाश मीना के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम वर्मा के नेतृत्व में एसीबी चौकी बारां की टीम ने कार्रवाई की। हेड कांस्टेबल रामनिवास ने परिवादी से 15 हजार रुपए की रिश्वत दलाल हंसराज राठी के माध्यम से ली। इसी दौरान एसीबी टीम ने दोनों को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली।

पूर्व में दर्ज हैं कई मामले

एसीबी के अनुसार परिवादी गिर्राज नागर के खिलाफ कवाई थाने में पहले से करीब आधा दर्जन प्रकरण दर्ज हैं। इनमें शराब से संबंधित मामलों के साथ अन्य मामले भी शामिल हैं। आरोप है कि हेड कांस्टेबल इन मामलों में कार्रवाई करने और परिवादी को किसी अन्य मामले में फंसाने का हवाला देकर रिश्वत की मांग कर रहा था।

पूछताछ और अनुसंधान जारी

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया है।

एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एसीबी में प्रकरण या प्राथमिक जांच दर्ज है, तो वह सीधे एसीबी से संपर्क कर अपना पक्ष और स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। प्रस्तुत स्पष्टीकरण का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही अनुसंधान में आगे का निर्णय लिया जाता है।