
Baran News : फाइल फोटो पत्रिका
Baran News : राजस्थान में बारां जिले के शाहबाद थाना क्षेत्र में होड़ापुरा के पास नदी के तेज बहाव में बहे दादा-पोते के शव करीब 40 घंटे बाद रविवार को बरामद कर लिए गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगातार दूसरे दिन चले बचाव अभियान दौरान राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और पुलिस ने नदी में तलाश करते हुए दोनों शवों को पत्थरों के बीच से बाहर निकाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, होड़ापुरा के पास नदी के तेज बहाव में दो लोग बह गए थे। हादसे के बाद से ही एसडीआरएफ और पुलिस द्वारा लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। शनिवार को काफी प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिल सकी।
रविवार सुबह 6 बजे से फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। सुबह करीब साढ़े 9 बजे एसडीआरएफ टीम को पत्थरों के बीच धारा सिंह सहरिया का शव मिला। इसके कुछ देर बाद घटनास्थल से एक किलोमीटर आगे कल्ला सहरिया का शव पानी में तैरता मिला। टीम और ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को नदी से बाहर निकाला गया। थानाधिकारी योगेश शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 40 घंटे बाद दोनों शव बरामद किए गए हैं। थानाधिकारी ने बताया कि शव पानी से गल गए थे। मौके पर चिकित्सक बुलाकर पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सुपुर्द किए गए।
मामला यह है कि बारां देवरी क्षेत्र के होडापुरा गांव के पास से निकलने वाली रैफी नदी की रपट पर शुक्रवार देर शाम उफान के दौरान बाइक सहित दादा और पोता बह गए थे। सनगवां निवासी धारा सिंह पुत्र प्रकाश सहरिया और उसका दादा कल्ला सहरिया की देर रात तक देवरी चौकी पुलिस और परिजन तलाश करते रहे, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण नदी में बहे दादा-पोते का कोई सुराग नहीं लग सका। दोनों बाइक से मध्यप्रदेश के गलथूनी गांव में रक्षाबंधन के लिए जा रहे थे। शनिवार सुबह जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। थानाधिकारी योगेश शर्मा के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम के जवानों ने दिनभर रेस्क्यू अभियान चलाया, पर सफलता नहीं मिली। रात होने पर अभियान रोकना पड़ा।
इधर इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिजन शुक्रवार शाम को ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। शनिवार को अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे। परिजनों की आंखें नम थीं और उनका रो-रोकर बुरा हाल था। धारा सहरिया (22 वर्ष) के दो लड़के और एक लड़की हैं। तीनों की उम्र सात वर्ष से कम है। धारा की दो पत्नियां हैं। वहीं, कल्ला पुत्र गजुया सहरिया के दो पुत्र हैं।
ग्रामीणों के अनुसार रैफी नदी की इस रपट पर बारिश के चार महीनों में ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। रपट क्षतिग्रस्त हो चुकी है और जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। इसके कारण वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीर भी दुर्घटनाओं का शिकार होते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से रपट पर किसी प्रकार का संकेतक बोर्ड नहीं लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार रैफी नदी पर नवीन पुल निर्माण की घोषणा राजस्थान सरकार ने 2024 बजट में की थी। करीब 13 करोड़ रुपए के बजट से बनने वाले पुल के लिए टेंडर प्रक्रिया होने के दो साल बाद भी निर्माण कार्य अधर में लटका है।
Updated on:
30 Aug 2026 04:44 pm
Published on:
30 Aug 2026 04:44 pm
