Land Mafia Encroachment: राठौड़ ने बताया कि उक्त खसरा नंबर 234/1 में स्थित तालाब का निर्माण मनरेगा योजना एवं भैरोसिंह शेखावत के कार्यकाल में काम के बदले अनाज योजना के लाखों रुपए खर्च कर के निर्माण किया था।
Rajasthan News: बारां जिले के छबड़ा नगर क्षेत्र के धींगराड़ी में स्थित वर्षों पुराने सार्वजनिक तालाब पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर पूर्व विधायक करणसिंह राठौड़ ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर तालाब को कब्जे से मुक्त कराने और पूरे प्रकरण की जांच करवाने की मांग की है।
पूर्व विधायक करणसिंह राठौड़ ने बताया कि धींगराड़ी क्षेत्र में खसरा नंबर 234/1 में स्थित इस तालाब का निर्माण मनरेगा योजना तथा पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत के कार्यकाल में संचालित ‘काम के बदले अनाज’ योजना के तहत लाखों रुपए खर्च कर किया गया था। यह तालाब करीब 30 वर्षों से गांव के लोगों के सार्वजनिक उपयोग में रहा है।
उन्होंने कहा कि इतने वर्षों में इस तालाब पर किसी भी व्यक्ति द्वारा न तो काश्त की गई और न ही किसी प्रकार का निजी कब्जा किया गया। यह पूरी तरह से सार्वजनिक संपत्ति के रूप में गांव के उपयोग में रहा है।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि अब कुछ लोगों द्वारा मिलीभगत कर इस तालाब पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिस खसरा नंबर 234/1 पर आज तक किसी ने काश्त नहीं की, उस जमीन को भूमाफियाओं ने किसी बाहरी व्यक्ति के नाम जमीन का एलॉटमेंट करवाकर सड़क किनारे स्थित तालाब को खाते में दर्ज करवा लिया। राठौड़ के अनुसार यह जमीन मुख्य सड़क के किनारे होने के कारण बेहद बेशकीमती है और इसी वजह से भूमाफिया इस पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह तालाब लंबे समय से गांव के लोगों और उनके पशुओं के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत रहा है। गांव के लोग वर्षों से इस तालाब का उपयोग करते आ रहे हैं, ऐसे में इस पर कब्जा होना ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को कुछ नेताओं का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वे सार्वजनिक संपत्ति पर भी कब्जा करने से नहीं हिचक रहे हैं। उन्होंने एसडीएम और जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तालाब को कब्जे से मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।