बारां में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का मानवीय और भावुक पक्ष उस समय देखने को मिला, जब वे अपने बचपन के मित्र से अचानक मिले। दोनों ने संघर्ष के उन दिनों को याद किया।
बारां। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर सोमवार को बारां से छैला बेल गांव जाते समय अपने पुराने साथी हरीश चंद्र सुमन से मिलकर भावुक हो गए। दोनों ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया, जब वे सिर पर टोकरी रखकर गांव-गांव सब्जी बेचा करते थे।
मंत्री मदन दिलावर बारां से छैला बेल गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में बकरियां लेकर जा रहे एक व्यक्ति को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया। उस व्यक्ति से मंत्री ने कहा, कैसे हो दोस्त। मंत्री को पहचानते ही वह व्यक्ति भी खुश हो गया। इसके बाद मंत्री दिलावर ने उसे गले लगाया और बताया कि यह उनका बचपन का मित्र हरीश चंद्र सुमन है। उन्होंने कहा कि दोनों ने एक साथ सिर पर टोकरी रखकर गांव-गांव सब्जी बेची है।
मंत्री ने अपने मित्र से पूछा कि तुम्हें याद है हम क्या-क्या बेचते थे। इस पर हरीश सुमन ने बताया कि वे हरी सब्जियां बेचा करते थे। सुमन ने कहा कि दोनों की उम्र भी लगभग समान है और वे साथ रहते हुए गांव-गांव आवाज लगाकर सब्जी बेचते थे।
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इसके बाद मंत्री मदन दिलावर अपने पैतृक गांव चरडाना पहुंचे, जो अटरू क्षेत्र में स्थित है। यहां उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चरडाना के स्टाफ और विद्यार्थियों से संवाद किया। मंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और विद्यालय की आवश्यकताओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालय के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण भी किया।