
Baran Cyber Crime: बारां की साइबर थाना पुलिस ने एफडी ऑनलाइन तोड़कर 18.93 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में मध्यप्रदेश से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विनोद सिंह ने मार्केटिंग में MBA किया हुआ है लेकिन नौकरी नहीं मिलने के बाद वह साइबर अपराध की दुनिया में उतर गया। उसने अपने इंजीनियर दोस्त श्रीकांत लखेर के साथ मिलकर लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और मोबाइल सिम खरीदने शुरू कर दिए और उन्हें साइबर ठग गिरोहों को बेचने लगा।
मामले में पुलिस ने पहले बैंक खाताधारक राजन साकेत और ई-मित्र संचालक मैकेनिकल इंजीनियर श्रीकांत लखेर को गिरफ्तार किया था। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विनोद सिंह बेरोजगारी के कारण साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के संपर्क में आया था। वह अपने साथी श्रीकांत के साथ मिलकर ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें पैसों का लालच देकर बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध करवाए जाते थे।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि बारां जिले के कवाई निवासी रमेशचंद्र धाकड़ को अकावद बांध के डूब क्षेत्र में गई जमीन के मुआवजे के रूप में राशि मिली थी। उसने वर्ष 2020 में उसकी पत्नी द्रोपती बाई के नाम से 10 लाख रुपए और अगस्त 2024 में 8 लाख रुपए की एफडी कराई थी। 19 जून 2025 को बैंक पहुंचने पर पता चला कि अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन एफडी तोडकऱ 18.93 लाख रुपए निकाल लिए। द्रोपदी ने जुलाई 2025 में साइबर थाने पर प्रकरण दर्ज कराया। अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए है। पुलिस टीम मेंं साइबर थाना प्रभारी भंवर सिंह, एएसआई सुकेन्द्र सिंह व मोहनलाल, हेड कांस्टेबल दिग्विजय सिंह, कांस्टेबल दिलीप सिंह व लक्ष्मण शामिल थे।
जांच में ठगी की राशि राजन साकेत के खाते में पहुंचना सामने आने पर सबसे पहले उसे दबोचा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सारे राज उगल दिए। पूछताछ में विनोद ने बताया कि उसने आरोपी इंजीनियर श्रीकांत के साथ मिलकर कई लोगों के बैंक खाते और सिम ठगी गिरोहों को बेचे है। इनके कब्जे से साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल और सिम जब्त किए गए हैं। बिहार और रीवा मप्र से जुड़े गिरोहों के शातिरों की तलाश की जा रही है।