
जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़ी बांग्लादेशी महिला रुबिया
जयपुर पुलिस ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 3 बांग्लादेशी नागरिकों को अरेस्ट किया है। जयपुर पुलिस ने नारायण विहार, मानसरोवर और सांगानेर सदर थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर दो युवकों और एक महिला को गिरफ्तार किया। इस पूरी कार्रवाई में सबसे हैरान करने वाला पहलू यह सामने आया कि गिरफ्तार की गई बांग्लादेशी महिला ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने और भारतीय समाज में घुलने-मिलने के लिए अपनी मांग में सिंदूर भरना और गले में मंगलसूत्र पहनना शुरू कर दिया था। प्राथमिक पूछताछ और जांच में खुलासा हुआ है कि महिला शुरुआत में इलाज कराने का झांसा देकर भारत की सीमा में दाखिल हुई थी, जिसके बाद उसने नागौर जिले के मेड़ता निवासी एक युवक से पहचान छिपाकर कोर्ट मैरिज कर ली।
डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज के नेतृत्व में पुलिस अब तीनों आरोपियों के फर्जी भारतीय दस्तावेजों, पासपोर्ट और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बांग्लादेश डिपोर्ट किया जा सके।
जयपुर पुलिस की स्पेशल टीम और स्थानीय थानों की पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर जयपुर के तीन प्रमुख इलाकों में एक साथ छापेमारी की।
नारायण विहार क्षेत्र से गिरफ्तारी: पुलिस ने नारायण विहार इलाके से बांग्लादेशी महिला रुबिया को अरेस्ट किया, जो अपनी भारतीय पहचान बना चुकी थी।
मानसरोवर से नदीम की गिरफ्तारी: मानसरोवर इलाके से नदीम नाम के बांग्लादेशी युवक को हिरासत में लिया गया, जो काफी समय से यहां अवैध रूप से रह रहा था।
सांगानेर सदर से आशीष हलधर अरेस्ट: सांगानेर सदर क्षेत्र में दबिश देकर आशीष हलधर नाम के तीसरे बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा गया।
पुलिस पूछताछ में तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कुछ साल पहले बिना किसी वैध वीजा और पासपोर्ट नियमों का पालन किए अवैध रूप से बांग्लादेश सीमा पार कर भारत में घुसे थे। दोनों युवकों ने बताया कि वे रोजगार की तलाश में जयपुर आए थे।
जांच में महिला के भारत में रुकने और पहचान छिपाने की पूरी कहानी परत-दर-परत सामने आई है। महिला रुबिया ने बताया कि वह अपनी किडनी की पथरी के इलाज के बहाने भारत आई थी और उपचार के सिलसिले में अहमदाबाद भी गई थी।
भारत यात्रा के दौरान जोधपुर में उसकी मुलाकात नागौर जिले के मेड़ता निवासी मनमोहन नाम के युवक से हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली।
शादी के बाद महिला ने एक पारंपरिक भारतीय विवाहित महिला की तरह रहना शुरू कर दिया, मांग में सिंदूर लगाया और मंगलसूत्र पहनकर अपनी असली बांग्लादेशी पहचान को पूरी तरह छिपा लिया।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस शादी के पीछे की असली मंशा और महिला के पास से मिले पासपोर्ट की वैधानिक स्थिति की जांच कर रही हैं। महिला के पास से एक पासपोर्ट बरामद हुआ है। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह पासपोर्ट किस पते पर और किन परिस्थितियों में जारी किया गया था।
पुलिस जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि मेड़ता के युवक से यह विवाह केवल व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर हुआ था या इसके पीछे भारत में अवैध रूप से बसने की कोई सोची-समझी साजिश थी। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि ये तीनों किसी आपराधिक, अनैतिक या राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं हैं।
जयपुर पुलिस ने तीनों बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ विदेशी अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। संबंधित दूतावास और केंद्रीय गृह मंत्रालय को इसकी सूचना भेजी जा रही है। राजस्थान में हाल के दिनों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हुआ है।
जयपुर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कागजी और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद तीनों बांग्लादेशी नागरिकों को वापस उनके देश डिपोर्ट करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Updated on:
22 Jul 2026 11:17 am
Published on:
22 Jul 2026 11:15 am
