बारां

राजस्थान के इस जिले में चिकित्सा विभाग अलर्ट, मुख्यालय नहीं छोड़ने और अवकाश लेने पर लगाई रोक, जानें वजह

बारां जिले में बारिश के मौसम को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश जारी किए हैं।

2 min read
Jul 17, 2025
बारां जिले के एक गांव में एंटी लार्वा एक्टिविटी करते हुए। फोटो पत्रिका

बारां जिले में बारिश के मौसम को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा जलजनित एवं मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए चिकित्सा संस्थान को भी अपने अपने क्षेत्रों में बचाव, उपचार एवं रोकथाम के लिए भी तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टॉफ को मुयालय नहीं छोड़ने एवं अवकाश लेने पर रोक लगा दी गई है।

सीएमएचओ डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि अतिवृष्टि को देखते हुए जलजनित एवं मौसमी बीमारियों से आमजन की सुरक्षा के मद्देनजर जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दे दिए गए हैं। चिकित्सा विभाग की ओर से अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां एवं टेस्ट किट्स आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही फील्ड में कार्यरत एएनएम, आशा सहयोगिनी और स्वास्थ्य कार्मिकों को सतत निगरानी एवं सर्वे कार्य में लगाया गया है।

ये भी पढ़ें

Jaipur: भीड़ अस्पतालों में बढ़ी है, मौसमी बीमारी दरवाजे पर खड़ी है… अब सावधानी ही बचाव है

अवकाश लेने पर लगाई रोक

प्रत्येक वार्ड और गांवों में घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की पहचान, संदिग्ध मामलों की तुरंत जांच, ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियों का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल एवं पैरामेडिकल स्टॉफ भी मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए पाबंद कर दिया गया है। उच्चाधिकारियों को सूचना दिए गए बगैर किसी भी मेडिकल स्टॉफ की छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी। जीवनवाहिनी एंबुलेंस सेवा को भी 24 घंटे तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। आपातकालीन स्थिति में आमजन 108 अथवा 104 नबर पर घंटी कर सूचना दे सकते हैं।

एंटी-लार्वा और एंटी-एडल्ट एक्टिविटी

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. निशांत सैनी ने बताया कि अतिवृष्टि संभावित क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए चिकित्सा संस्थानों के वार्ड में आवश्यक व्यवस्था कर दी गई है। आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर एंटी-लार्वा और एंटी-एडल्ट एक्टिविटी कार्रवाई आयोजित की जा रही है। नालियों एवं जल भराव वाले स्थान में मिट्टी का तेल, जला हुआ तेल एवं एमएलओ डलवाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से घरों में जाकर वहां हौदी एवं टंकियों की जांच की और उन्हें नियमित रूप से साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा पीने के पानी के नमूने लेने तथा मलेरिया की रोकथाम के लिए इकट्ठा हुए पानी में एमएलओ एवं गबूशिया मछलियां डलवाने आदि कार्य किए जा रहे हैं। मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधि और जलभराव वाले स्थानों की सफाई का कार्य नगर निकायों के सहयोग से किया जा रहा है। जनमानस को मौसमी बीमारियों से बचने, पीने के पानी का उचित रख-रखाव एवं रूके हुए पानी में एंटी लार्वा कार्रवाई के लिए जानकारी भी दी जा रही है।

ये भी पढ़ें

डेंगू अब मौसमी नहीं, बारहमासी बीमारी

Published on:
17 Jul 2025 02:37 pm
Also Read
View All

अगली खबर