
Naresh Meena FIR: बारां जिले के छबड़ा में किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। छबड़ा थाने में उनके खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, खाद वितरण के दौरान लोगों को उकसाने, रास्ता रोकने और अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह रिपोर्ट छबड़ा के सहायक कृषि अधिकारी सुरेश मालव की ओर से दर्ज करवाई गई है।
किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर नरेश मीणा ने आंदोलन किया था। इसी घटनाक्रम के बाद कृषि विभाग के अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत में राजकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, भीड़ को उकसाने और रास्ता रोकने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद नरेश मीणा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दबाव बनाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि पंचायत राज चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से उन्हें दोबारा जेल भेजने की कोशिश की जा सकती है।
नरेश मीणा ने कहा कि पंचायत राज चुनाव में जनता हाथी चुनाव चिह्न पर मतदान करेगी और बोर्ड बनाएगी। उनके इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। हालांकि, कृषि मंत्री पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि नरेश मीणा पंचायत राज चुनाव में जिले की विभिन्न सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से बारां जिले की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस घटनाक्रम से पहले कृषि विभाग में भी प्रशासनिक बदलाव किया गया था। जारी आदेश के अनुसार, जिला मुख्यालय पर कृषि विभाग (विस्तार) में संयुक्त निदेशक पद पर तैनात राजेश विजय को इस पद से हटाकर 'आत्मा' (कृषि विस्तार विभाग की विंग) में लगाया गया, जबकि सहायक निदेशक धनराज मीणा को संयुक्त निदेशक का कार्यभार सौंपा गया। फिलहाल, छबड़ा थाने में दर्ज मुकदमे के मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। जांच के बाद ही आरोपों और मामले से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।